नाहन : उपमंडल शिलाई के कमरऊ तहसील अंतर्गत बागनधार स्थित भीमगोडा चूना पत्थर खदान में हुए भीषण भूस्खलन के दूसरे दिन राहत एवं बचाव कार्य में बड़ी सफलता मिली है। NDRF, पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों के संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान मलबे में दबे डंपर चालक का शव बाहर निकाल लिया गया है। मृतक की पहचान बड़वास निवासी अनिल कुमार के रूप में हुई है। वहीं, मलबे में दबे नेपाल मूल के दो अन्य व्यक्तियों की तलाश अब भी युद्धस्तर पर जारी है।
मंगलवार को खदान में अचानक पहाड़ धंसने से दो डंपर और एक एलएनटी (L&T) मशीन मलबे के नीचे दब गए थे। घटना के तुरंत बाद भारी बारिश, घने कोहरे और लगातार गिरते पत्थरों के कारण बचाव अभियान में काफी बाधा आई थी। बुधवार को मौसम में आंशिक सुधार के बाद NDRF की टीम ने मोर्चा संभाला और कई घंटों की मशक्कत के बाद एक डंपर तक पहुंचकर चालक अनिल कुमार के शव को बाहर निकाला।

घटनास्थल पर उपायुक्त (DC) सिरमौर प्रियंका वर्मा समेत तमाम प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि जब तक मलबे में फंसे दोनों लापता व्यक्तियों को खोज नहीं लिया जाता, तब तक रेस्क्यू अभियान रुकने वाला नहीं है।
उधर, जिला खनन अधिकारी सरित चंद्र ने बताया कि चूना पत्थर खदानों में मानसून के दौरान भी कार्य जारी रहता है। हादसे के सटीक कारणों और सुरक्षा मानकों की स्थिति की जांच संबंधित केंद्रीय एजेंसियों द्वारा करवाई जाएगी। फिलहाल प्रशासन का पूरा ध्यान मलबे में दबे अन्य दो मजदूरों को सुरक्षित निकालने और रेस्क्यू ऑपरेशन को जल्द से जल्द पूरा करने पर टिका हुआ है।