सोलन: हिमाचल प्रदेश में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिला पुलिस सोलन ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने एन.डी.पी.एस. अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में व्यापक वित्तीय जांच करते हुए नशा तस्करी से अर्जित संदिग्ध अवैध आय के रूप में कुल ₹68,16,521.19 की बैंक जमा राशि का पता लगाकर उसे विधि अनुसार फ्रीज कर दिया है। यह कार्रवाई एन.डी.पी.एस. एक्ट, 1985 के अध्याय V-A के प्रावधानों के तहत तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए की गई है।

होटल के पास नाकेबंदी के दौरान पकड़े गए थे आरोपी
मामले के अनुसार, 11/12 अप्रैल 2026 की रात को परवाणू पुलिस टीम ने मोग्लिक्स होटल के समीप एक ब्रेजा कार HR04G-1414 को चेकिंग के लिए रोका था। कार की तलाशी लेने पर उसमें सवार दो व्यक्तियों से 11.45 ग्राम चिट्टा/हेरोइन और 3.56 ग्राम मेथामफेटामाइन बरामद हुई।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान पंकज राज आयु 42 वर्ष, निवासी नारायणगढ़, अंबाला और सिद्धांत गुप्ता आयु 38 वर्ष, निवासी नारायणगढ़, अंबाला के रूप में हुई थी। दोनों को मौके पर गिरफ्तार कर पुलिस थाना परवाणू में अभियोग संख्या 45/2026 के तहत धारा 21, 29 एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज किया गया था और वारदात में इस्तेमाल कार को भी जब्त कर लिया गया था।
पूछताछ और डिजिटल सबूतों से अंबाला का मुख्य सप्लायर दबोचा
गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल व वित्तीय रिकॉर्ड के विश्लेषण से खुलासा हुआ कि हरियाणा का रहने वाला अमन कुमार इन्हें लंबे समय से चिट्टा सप्लाई कर रहा था। आरोपी पंकज राज के बैंक खातों और डिजिटल पेमेंट माध्यमों की जांच में सामने आया कि उसने अलग-अलग तारीखों में चिट्टा खरीदने के लिए ऑनलाइन माध्यम से कुल ₹1,02,000 की राशि अमन कुमार के बैंक खाते में ट्रांसफर की थी। इस पुख्ता वित्तीय संबंध के आधार पर पुलिस ने मुख्य सप्लायर अमन कुमार आयु 26 वर्ष, निवासी अंबाला छावनी, हरियाणा को 15 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर लिया।
जांच में खुली पोल: वैध आय से अधिक निकले बैंक बैलेंस
आरोपियों की आर्थिक गतिविधियों और बैंक खातों की गहन वित्तीय जांच में यह बात सामने आई कि यह धनराशि उनकी वैध आय के स्रोतों से पूरी तरह असंगत और अनुपातहीन है। इसके बाद पुलिस ने दोनों के खातों को फ्रीज कर दिया। आरोपी पंकज राज के विभिन्न बैंक खातों में कुल ₹67,55,583.02 की राशि मिली। जबकि आरोपी अमन कुमार के बैंक खाते में ₹60,938.17 की संदिग्ध राशि पाई गई।
कई राज्यों में फैला है नेटवर्क, मुख्य आरोपी पर पहले भी दर्ज हैं केस
वित्तीय जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि पंकज राज, सिद्धांत गुप्ता और अमन कुमार के तार हरियाणा, पंजाब, चंडीगढ़ और हिमाचल प्रदेश के सोलन व शिमला जिलों में सक्रिय एक बड़े नशा तस्करी नेटवर्क से जुड़े हुए हैं। मुख्य सप्लायर अमन कुमार एक शातिर अपराधी है, जिसके खिलाफ पहले भी एनडीपीएस एक्ट के तहत दो मामले दर्ज हैं। एक वर्ष 2023 में पुलिस थाना परवाणू में और दूसरा वर्ष 2024 में पुलिस थाना सदर अंबाला छावनी में दर्ज है।
पुलिस की चेतावनी: सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, संपत्ति भी होगी जब्त
जिला पुलिस सोलन ने साफ संदेश दिया है कि नशा तस्करों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई केवल ड्रग्स पकड़ने और गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहेगी। पुलिस अब तस्करों की चल-अचल संपत्ति, बैंक खातों और अवैध निवेशों को निशाना बना रही है ताकि उनका आर्थिक आधार पूरी तरह खत्म किया जा सके।
पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी कोई भी जानकारी तुरंत पुलिस के साथ साझा करें। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।