सोलन: मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में पिछले कल राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (NTEP) की एक विशेष मासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। सोलन के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजय पाठक की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिला के सभी खंड चिकित्सा अधिकारियों (BMOs) ने हिस्सा लिया। बैठक के दौरान जिले भर में टीबी (क्षय रोग) के खिलाफ चल रही स्वास्थ्य गतिविधियों और अब तक के प्रदर्शन की बारीकी से समीक्षा की गई।

बैठक में पूरे जिले में चलाए जा रहे “100 Day TBMBA 2.0 Campaign” की प्रगति और उपलब्धियों पर विशेष रूप से चर्चा हुई। अधिक जोखिम वाले गांवों में पोर्टेबल हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीन के जरिए कैंप लगाकर कम्युनिटी स्क्रीनिंग करने पर जोर दिया गया। बैठक में क्षय रोग की समय पर पहचान करने, मरीजों के नियमित इलाज, आम जनता में जागरूकता बढ़ाने और सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए विभिन्न रणनीतियों पर विस्तार से मंथन हुआ।
सीएमओ डॉ. अजय पाठक ने ब्लॉक-वार (खंड-वार) काम की समीक्षा की और सभी अधिकारियों को तय लक्ष्यों को समय पर हासिल करने के लिए प्रयासों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने समय पर रिपोर्टिंग करने और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने पर विशेष बल दिया। सीएमओ ने सभी स्वास्थ्य टीमों से ‘टीबी मुक्त जिला’ बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करने की अपील की। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से आग्रह किया कि यदि किसी में भी टीबी के लक्षण दिखाई दें, तो वे तुरंत कदम उठाएं।
टीबी के प्रमुख लक्षण, एक हफ्ते से ज्यादा समय तक लगातार खांसी रहना। खांसी के साथ खून या बलगम का आना। सांस लेते या खांसते समय सीने में दर्द होना। बुखार, कंपकंपी होना या रात में पसीना आना। बिना किसी वजह के वजन का लगातार घटना। हर समय थकान, कमजोरी महसूस होना या भूख न लगना।
डॉ. पाठक ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति में ऐसे लक्षण दिखते हैं, तो वह बलगम की जांच के लिए तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाए। यदि कोई मरीज अस्पताल पहुंचने में असमर्थ है, तो वह अपने क्षेत्र की आशा (ASHA) कार्यकर्ता को इसकी जानकारी दे सकता है। आशा कार्यकर्ता खुद मरीज के घर जाकर बलगम का सैंपल इकट्ठा करेंगी और उसे जांच के लिए नजदीकी लैब तक पहुंचाएंगी।