सोलन: हिमाचल प्रदेश स्कूल प्रवक्ता संघ जिला सोलन का एक प्रतिनिधिमंडल जिला प्रधान जय लाल जलपाइक की अध्यक्षता में शिक्षा उपनिदेशक उच्च शिक्षा गोपाल सिंह चौहान से उनके कार्यालय में मिला और उन्हें विभिन्न मांगों से संबंधित एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने प्रवक्ताओं को आ रही व्यावहारिक समस्याओं को गंभीरता से उठाया।

शिक्षा उपनिदेशक ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि ऐसा कोई भी निर्णय नहीं लिया जाएगा,जिससे प्रवक्ताओं के हित प्रभावित हों। साथ ही उन्होंने आगामी समय में प्रधानाचार्यों के साथ होने वाली वर्चुअल बैठकों में प्रवक्ताओं के मुद्दों को प्राथमिकता से उठाकर समाधान सुनिश्चित करने का भरोसा दिया।
प्रतिनिधिमंडल में मुख्य सलाहकार चंद्रदेव ठाकुर सहित सुशील कुमार, हेमंत शर्मा, विजय कुमार, राकेश जिन्टा, संदीप चंदेल, संदीप ठाकुर, सोहन लाल वर्मा, ज्ञान ठाकुर, कमलकांत शर्मा ,दिनेश चौहान अन्य प्रवक्ता उपस्थित रहे।
ये हैं संघ की मांगे….
1. शीतकालीन समय सारिणी में बदलाव का विरोध। विंटर क्लोजिंग स्कूलों के समय में प्रस्तावित बदलाव को अव्यावहारिक और तर्कहीन बताया गया। संघ ने कहा कि सरकारी विद्यालयों के छात्रों के लिए परिवहन सुविधाएं (विशेषकर एचआरटीसी बसें) पर्याप्त नहीं हैं, जबकि निजी विद्यालयों के पास अपनी परिवहन व्यवस्था होती है। इसलिए किसी भी निर्णय से पहले दूरदराज क्षेत्रों के विद्यार्थियों की वास्तविक स्थिति का सर्वेक्षण और सभी हितधारकों (शिक्षक, अभिभावक, विद्यालय प्रबंधन समितियां) से व्यापक विचार-विमर्श आवश्यक है।
2. राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत कार्य वितरण शिक्षकों पर गैर-शैक्षणिक कार्यों का बोझ कम किया जाए ताकि वे अपने मूल शिक्षण कार्य पर ध्यान केंद्रित कर सकें और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो।
3. वेतन वृद्धि (इंग्रीमेंट) प्रक्रिया में सुधार वार्षिक वेतन वृद्धि को केवल परीक्षा परिणामों से न जोडक़र समग्र प्रदर्शन एवं अन्य शैक्षणिक गतिविधियों के आधार पर निर्धारित किया जाए।
4. पीरियड/गैर-शैक्षणिक कार्यों पर नियंत्रण शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक कार्यों की अपेक्षा सीमित की जाए तथा कार्य विभाजन को संतुलित बनाया जाए।
5. उपस्थिति प्रणाली में सरलीकरणविद्यालयों में एक से अधिक रजिस्टर रखने की व्यवस्था को समाप्त कर एकल प्रणाली लागू की जाए।
6. विद्यालयों में कार्य वातावरण सुधार शिक्षकों के मानसिक दबाव को कम करने के लिए सकारात्मक एवं सहयोगात्मक वातावरण विकसित किया जाए, जिससे शिक्षण गुणवत्ता और विद्यार्थियों के हित में सुधार हो सके।
इसके अलावा संघ ने स्थानांतरण प्रक्रिया को पारदर्शी और ऑनलाइन माध्यम से संचालित किया जाए। कंप्यूटर साइंस शिक्षकों के कार्य समय को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जाए। अधिशेष शिक्षकों का समुचित समायोजन किया जाए। गैर-शैक्षणिक स्टाफ की कमी को दूर किया जाए। सेवा पुस्तकों के सत्यापन की प्रक्रिया को सरल एवं समयबद्ध बनाया जाए। न्यायालयीन मामलों के शीघ्र निस्तारण हेतु त्वरित कार्यवाही की जाए।
संघ ने स्पष्ट किया रुख
संघ ने स्पष्ट किया कि बिना जमीनी हकीकत को समझे और हितधारकों से चर्चा किए शिक्षा व्यवस्था में जल्दबाजी में बदलाव करना हानिकारक हो सकता है। विशेषकर शीतकालीन स्कूल समय में परिवर्तन का निर्णय छात्रों और शिक्षकों दोनों के लिए कठिनाइयां पैदा कर सकता है।
अंत में, संघ ने शिक्षा विभाग से सकारात्मक और रचनात्मक संवाद के माध्यम से सभी मुद्दों के समाधान की अपेक्षा जताई। यदि इन मांगों पर गौर नहीं किया गया तो प्रवक्ता संघ जिला सोलन आने वाले समय में विरोध करने से पीछे नहीं हटेगा।