हिमाचल राज्य संग्रहालय में सैम्युअल टू सत्यानन्द स्टोक्स पुस्तक का विमोचन

Photo of author

By Hills Post

शिमला: हिमाचल राज्य संग्रहालय शिमला में हिमालय इतिहास, कला व संस्कृति विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का भव्य शुभारंभ हुआ। इस सेमिनार का औपचारिक उद्घाटन प्रदेश के भाषा एवं संस्कृति विभाग के सचिव राकेश कंवर द्वारा किया गया। इस उच्चस्तरीय संगोष्ठी में देश और विदेश से आए 30 शोधकर्ता भाग ले रहे हैं, जो हिमालयी इतिहास, कला और सांस्कृतिक विरासत से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत करेंगे।

संगोष्ठी के उद्घाटन अवसर पर सचिव राकेश कंवर ने प्रदेश के जाने-माने लेखक, स्तंभकार एवं इतिहासकार विनोद भारद्वाज द्वारा लिखित पुस्तक सैम्युअल टू सत्यानन्द स्टोक्स तथा छेरिग दोरजे द्वारा लिखित पुस्तक आर्किओलॉजी ऑफ स्पीत का विधिवत विमोचन किया। इन दोनों ऐतिहासिक एवं शोधपरक पुस्तकों का प्रकाशन हिमाचल राज्य संग्रहालय द्वारा किया गया है।

समारोह को संबोधित करते हुए राकेश कंवर ने पुस्तक”सैम्युअल टू सत्यानन्द स्टोक्” की सराहना की और कहा कि एक अमेरिकी नागरिक का गांधीवादी मूल्यों को अपनाकर पूर्णतः भारतीय हो जाना सभी के लिए अत्यंत गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि स्टोक्स ने वर्ष 1916 में कोटगढ़ में रसीले सेब की प्रजाति रोपकर पहाड़ों को गरीबी के चंगुल से बाहर निकाला और प्रदेश में एक अभूतपूर्व आर्थिक क्रांति का सूत्रपात किया।

आज हिमाचल प्रदेश की आर्थिकी में सेब उत्पादन का सालाना योगदान लगभग 10 हजार करोड़ रुपये का है। स्टोक्स ने बागवानी के साथ-साथ शिक्षा के प्रसार, बेगार प्रथा के उन्मूलन और भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई। वे महात्मा गांधी के सच्चे अनुयायी थे तथा वर्ष 1921 में छह माह जेल की सजा काटने वाले पहले अमेरिकी नागरिक बने थे। वर्ष 1932 में उन्होंने ईसाई धर्म छोड़कर हिंदू धर्म अपनाया और सत्यानंद स्टोक्स कहलाए। यह पुस्तक उनके वर्ष 1904 से 1946 तक के जीवन और कार्यों का ऐतिहासिक दस्तावेज है।

उल्लेखनीय है कि लेखक विनोद भारद्वाज इससे पूर्व राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 1921 से 1946 के दौरान शिमला की 10 यात्राओं पर आधारित बहुचर्चित शोध पुस्तक ‘गांधी इन शिमला’ भी लिख चुके हैं। इस अवसर पर प्रसिद्ध कला इतिहासकार प्रो. देवेंद्र हांडा ने मुख्य वक्ता के रूप में अपना विचारोत्तेजक व्याख्यान प्रस्तुत किया। संगोष्ठी में हिमाचल राज्य संग्रहालय द्वारा ऐतिहासिक ‘भूंडा उत्सव’ पर निर्मित एक विशेष वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) का प्रदर्शन और विमोचन भी किया गया।

समारोह के प्रारंभ में राज्य संग्रहालय के संग्रहालयाध्यक्ष डॉ. हरि चौहान ने मुख्य अतिथि राकेश कंवर तथा मुख्य वक्ता प्रो. देवेंद्र हांडा का औपचारिक स्वागत किया। इस गरिमामयी अवसर पर भाषा एवं संस्कृति विभाग के अतिरिक्त निदेशक चंदन कपूर सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, साहित्यकार और शोधार्थी विशेष रूप से उपस्थित रहे।

Photo of author

Hills Post

हम उन लोगों और विषयों के बारे में लिखने और आवाज़ बुलंद करने का प्रयास करते हैं जिन्हे मुख्यधारा के मीडिया में कम प्राथमिकता मिलती है ।