एपीजी शिमला विश्वविद्यालय में छह दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का शुभारंभ

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By Hills Post

शिमला: एपीजी शिमला विश्वविद्यालय परिसर में टीचिंग-लर्निंग एंड रिसर्च: प्रैक्टिकल एप्लीकेशंस विषय पर एक सप्ताह लंबे फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का विधिवत शुभारंभ हो गया है। 13 से 18 अक्टूबर 2026 तक आयोजित होने वाले इस छह दिवसीय विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की शिक्षण क्षमताओं, अनुसंधान कौशल, नवाचार क्षमता और उच्च शिक्षा में व्यावहारिक अकादमिक अनुप्रयोगों को सुदृढ़ करना है। कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में हिमाचल प्रदेश लोक सेवा आयोग की सदस्य प्रो. ममता मोक्ता ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. देविंदर शर्मा सहित अन्य संकाय सदस्य विशेष रूप से उपस्थित रहे।

उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि प्रो. ममता मोक्ता ने राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक का दायित्व केवल विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें सही दिशा, प्रेरणा और उचित मार्गदर्शन देना भी अत्यंत आवश्यक है। प्रो. मोक्ता ने शिक्षकों से नवाचार को अपनाने, अपने ज्ञान को निरंतर अद्यतन करने और शिक्षण में रचनात्मक तरीकों को शामिल करने का आह्वान किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों से एक ऐसा शिक्षण वातावरण तैयार होता है, जो विद्यार्थियों को भविष्य की उभरती चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने के लिए तैयार करता है।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. देविंदर शर्मा ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में स्पष्ट किया कि फैकल्टी डेवलपमेंट को केवल कक्षा शिक्षण तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने शिक्षकों से निरंतर अनुसंधान अभिविन्यास, नवाचारपूर्ण सोच और व्यापक व्यावसायिक अनुभव विकसित करने का आग्रह किया, जिससे वे विद्यार्थियों को सफल करियर के लिए तैयार कर सकें। इससे पूर्व, वरिष्ठ पत्रकार एवं विश्वविद्यालय के डीन फैकल्टी प्रो. डॉ. अश्वनी शर्मा ने मुख्य अतिथि व प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए शिक्षण प्रक्रिया में प्रभावी संचार के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बेहतर संवाद शिक्षकों को विद्यार्थियों के साथ गहराई से जुड़ने में मदद करता है और शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया को अधिक प्रभावशाली बनाता है।

इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के दिग्गज शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं और विषय विशेषज्ञों को बतौर रिसोर्स पर्सन आमंत्रित किया गया है। आगामी दिनों में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) के राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. हरीश ठाकुर, वाणिज्य विभाग के प्रो. डॉ. राजकुमार सिंह, एपीजी के डीन फैकल्टी प्रो. डॉ. अश्वनी शर्मा, एचपीयू यूआईटी के डॉ. महेश शर्मा तथा वनअप लर्निंग की संस्थापक व कम्युनिकेशन कोच सुश्री दीक्षा शर्मा विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर प्रशिक्षण सत्रों को संबोधित करेंगे।

कार्यक्रम के अंत में एपीजी शिमला विश्वविद्यालय के डीन अकादमिक्स प्रो. आनंद मोहन ने मुख्य अतिथि, रिसोर्स पर्सन्स और सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। यह आयोजन शिक्षकों को बदलते शैक्षणिक परिवेश के अनुरूप सक्षम बनाने और नई पीढ़ी के प्रभावी मार्गदर्शन के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

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