शिमला: APG शिमला विश्वविद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026–27 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए आयोजित चार दिवसीय ओरिएंटेशन कार्यक्रम आरंभ के दूसरे दिन विभिन्न ज्ञानवर्धक, शैक्षणिक एवं परिचयात्मक सत्रों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन और छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस सत्र में हिमाचल प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों और विदेशों से आए नए छात्र-छात्राओं ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया।

समारोह की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेंद्र सिंह चौहान ने सभी नवागंतुक विद्यार्थियों का स्वागत किया और उन्हें सफलता का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के सर्वांगीण विकास का सबसे महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने छात्रों से कठिनाइयों से न घबराने का आग्रह करते हुए कहा कि आत्मविश्वास, ईमानदारी, समर्पण और कड़ी मेहनत ही सफलता की असली कुंजी हैं। उन्होंने बताया कि संस्थान का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि व्यावहारिक अनुभव और मूल्य-आधारित शिक्षा प्रदान करना है। उन्होंने गर्व से साझा किया कि विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र आज देश-विदेश के शीर्ष सरकारी संस्थानों, निजी संगठनों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों में उच्च पदों पर कार्य कर रहे हैं।
इसके पश्चात कुलसचिव प्रो. आर. एल. शर्मा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए विश्वविद्यालय की आधिकारिक पंचलाइन Where Nature Nurtures Young Minds का गहरा अर्थ समझाया। उन्होंने कहा कि शिमला के शांत व नैसर्गिक वातावरण में पढ़ाई कर रहे छात्रों को प्रकृति से सीख लेते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में अपना सार्थक योगदान देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने यूजीसी के दिशा-निर्देशों, कैंपस एंटी-रैगिंग नियमों, परीक्षा प्रणाली और अनुशासनात्मक व्यवस्था की विस्तृत जानकारी साझा की।
ओरिएंटेशन के दूसरे दिन आयोजित दो विशेष सत्रों के माध्यम से नए छात्रों को विश्वविद्यालय परिसर, विभिन्न अध्ययन विभागों, प्रयोगशालाओं, छात्र क्लबों, खेल व हॉस्टल सुविधाओं तथा ट्रेनिंग एवं प्लेसमेंट सेल की कार्यप्रणाली से विस्तार से अवगत कराया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी नए विद्यार्थियों को एक पूरी तरह से सुरक्षित, अनुशासित, सहयोगी और आधुनिक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध करवाने का भरोसा दिलाया।
इस गरिमापूर्ण अवसर पर प्रो-चांसलर डॉ. अमेश चौहान, सलाहकार इंजीनियर सुमन विक्रांत, डीन फैकल्टी प्रो. अश्वनी शर्मा, डीन एकेडमिक्स प्रो. आनंद मोहन शर्मा, डीन स्टूडेंट्स वेलफेयर प्रो. नीलम शर्मा, डीन मैनेजमेंट डॉ. नीति नाग, विधि विभागाध्यक्ष डॉ. भावना वर्मा, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभागाध्यक्ष डॉ. प्यार सिंह, वरिष्ठ मीडिया मैनेजर डॉ. विजय श्री सहित विभिन्न संकायों के विभागाध्यक्ष और प्राध्यापक विशेष रूप से उपस्थित रहे।