ज्ञान-विज्ञान समिति सोलन ने किया न्यू कथेड़ में पौधरोपण

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By Hills Post

सोलन: हिमाचल प्रदेश ज्ञान विज्ञान समिति सोलन ने रविवार को न्यू कथेड़ क्षेत्र में  पौधरोपण किया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, मिट्टी संरक्षण तथा किसानों में खस घास (वेटिवर) के महत्व के प्रति जागरूकता फैलाना था। इस अभियान में हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति के राज्य अध्यक्ष डॉ. टी. डी. वर्मा, जिला अध्यक्ष डॉ. बी. एस. पवार, राज्य सह सचिव सीताराम ठाकुर तथा कोषाध्यक्ष डी. सी. रावत के अलावा वार्ड-17 की पार्षद अरूणा ठाकुर विशेष रूप से उपस्थित रहे। अभियान के दौरान खस घास (वेटिवर) के लगभग 1500 पौधों का रोपण किया गया।

इस अवसर पर डॉ. टी. डी. वर्मा ने कहा कि वर्तमान बरसाती मौसम खस घास लगाने के लिए अत्यंत उपयुक्त है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि वे खेतों की मेड़ों, ढलानों और खाली स्थानों पर अधिक से अधिक खस घास लगाएं। उन्होंने बताया कि यह घास एक ही बारिश के मौसम में घनी और मजबूत हो जाती है तथा मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि खस घास यानि वेटिवर मिट्टी में कार्बन की मात्रा बढ़ाती है, सूक्ष्म जीवों की गतिविधियों को सक्रिय करती है। मिट्टी कटाव रोकती है, पशुओं के लिए चारा उपलब्ध कराती है तथा वर्षा के पानी को जमीन के भीतर गहराई तक पहुंचाने में मदद करती है। वक्ताओं ने कहा कि एक ही पौधा इतनी विविध पर्यावरणीय सेवाएं प्रदान करता है, इसलिए खस वास्तव में भारत को प्रकृति का एक अनमोल वरदान है।

छतरपुर से आए पौधे……
समिति के पदाधिकारियों ने जानकारी दी कि मध्य प्रदेश के छतरपुर से लगभग 2500 खस पौधों की जड़ें सोलन पहुंच चुकी हैं। इन्हें संगठन की पुरानी सहयोगी अंशुमाला गुप्ता, भीम सिंह और सत्यवान जी के सहयोग से मंगवाया गया है। जोभी किसान, सामाजिक संगठन या पर्यावरण प्रेमी खस घास लगाना चाहते हैं, वे समिति से संपर्क कर पौधे प्राप्त कर सकते हैं। इसकी कीमत 2 रुपये प्रति पौधा निर्धारित की गई है ताकि अधिक से अधिक लोग इस अभियान से जुड़ सकें। पौधरोपण कार्यक्रम में न्यू कथेड़ के पब्लिक स्ववेयर ग्रुप की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही।

समूह की ओर से के आर. श्याम, कमल शर्मा, रमेश शर्मा, नरेश ठाकुर, जेएल कांटा, भागीरथ शर्मा, यशपाल कपूर, सुनील सहित कई पर्यावरण प्रेमियों ने सक्रिय सहयोग दिया और पौधरोपण कार्य में भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में समिति ने निर्णय लिया कि आगामी दिनों में सोलन जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में भी खस घास रोपण अभियान चलाया जाएगा, ताकि जल संरक्षण, मिट्टी संरक्षण और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा सके। समिति ने लोगों से अपील की कि वे केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहें, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी भी निभाएं, जिससे आने वाली पीढिय़ों को स्वच्छ और समृद्ध पर्यावरण मिल सके।

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