नाबार्ड के सौजन्य से त्रिलोकपुर में डिजिटल वित्तीय साक्षरता शिविर आयोजित, ग्रामीणों को दी जानकारी

Photo of author

By पंकज जयसवाल

नाहन : हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक की त्रिलोकपुर शाखा द्वारा आज शुक्रवार को नाबार्ड के सौजन्य से एक दिवसीय डिजिटल वित्तीय साक्षरता शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य स्थानीय ग्रामीणों को बैंक की कल्याणकारी योजनाओं, डिजिटल बैंकिंग और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था।

शिविर के दौरान बैंक की विशेष ‘सपनों का संचय योजना’ के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। इस योजना का उद्देश्य बच्चों और विद्यार्थियों में छोटी उम्र से ही बचत की आदत डालना और उनके भविष्य को वित्तीय रूप से सुरक्षित करना है। इसके साथ ही पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए ‘रूफटॉप सोलर पैनल लोन योजना’ की जानकारी दी गई और ग्रामीणों को सौर ऊर्जा अपनाने व बैंक ऋण सुविधा का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम में बैंक के कार्यकारी सहायक मोहित वर्मा ने ग्रामीणों को केंद्र व राज्य सरकार की महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजनाओं—जैसे प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना और प्रधानमंत्री जन धन योजना के लाभ समझाए। इसके अलावा बैंक की विभिन्न ऋण व बचत योजनाओं जैसे महिला सशक्तिकरण ऋण योजना, पिगमी बचत योजना, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), हिम स्वरोजगार क्रेडिट कार्ड, JLG, SHG, होम लोन और बीमा योजनाओं के बारे में भी मार्गदर्शन दिया।

डिजिटल दौर में बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए मोहित वर्मा ने मोबाइल बैंकिंग और एटीएम के सुरक्षित उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने ग्रामीणों को हिदायत दी कि वे किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ अपना एटीएम पिन, पासवर्ड, ओटीपी या अन्य गोपनीय बैंकिंग जानकारी भूलकर भी साझा न करें।

कार्यक्रम के अंत में बैंक प्रबंधन की ओर से ग्रामीणों से बैंक की विभिन्न योजनाओं से जुड़कर लाभ उठाने की अपील की गई। इस वित्तीय साक्षरता शिविर में गीता देवी, ज्योति चौहान, मनीष, श्यामा देवी, उमेश, मदन लाल, नरेश कुमार तथा ग्राम पंचायत त्रिलोकपुर के कर्मचारी ओम प्रकाश सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने भाग लिया।

Photo of author

पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।