नाहन : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की नाहन इकाई ने सोमवार को प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन की छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ तथा स्थानीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय की मूलभूत समस्याओं को लेकर एक विशाल धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान कॉलेज परिसर में एकत्र हुए दर्जनों विद्यार्थियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की और प्रशासन से समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की।
इस विरोध प्रदर्शन में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद हिमाचल प्रदेश के प्रदेश सह मंत्री अभी ठाकुर एवं जिला सिरमौर के संगठन मंत्री भागमल विशेष रूप से उपस्थित रहे। छात्र नेताओं ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार और प्रशासन निरंतर छात्रों के अधिकारों की अनदेखी कर रहे हैं। प्रदेश भर के शिक्षण संस्थानों में सुविधाएं बढ़ाने के बजाय आर्थिक बोझ डाला जा रहा है, जिसे विद्यार्थी परिषद किसी भी स्थिति में सहन नहीं करेगी।

विद्यार्थी परिषद ने प्रदेश स्तर की मांगों को उठाते हुए हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा की गई 25 से 30 प्रतिशत की भारी फीस वृद्धि को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की। इसके साथ ही छात्र नेताओं ने मांग की कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों में लंबे समय से बंद पड़े छात्र संघ चुनावों को तुरंत बहाल किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को उनका लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व और आवाज उठाने का अधिकार वापस मिल सके।
नाहन महाविद्यालय की स्थानीय समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए एबीवीपी इकाई मंत्री साहिल ठाकुर ने कहा कि कॉलेज में शैक्षणिक और भौतिक बुनियादी ढांचा पूरी तरह चरमरा गया है। उन्होंने मांग की कि महाविद्यालय में प्राध्यापक सभी कक्षाओं को समय पर और नियमित रूप से लगाना सुनिश्चित करें, विद्यार्थियों की खेल गतिविधियों के लिए कॉलेज के खेल मैदान को समतल व साफ करवाया जाए तथा संपूर्ण महाविद्यालय परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था को तुरंत सुदृढ़ किया जाए।
धरना-प्रदर्शन के अंत में एबीवीपी नाहन इकाई के समस्त कार्यकर्ताओं ने कॉलेज एवं स्थानीय प्रशासन से मांग की कि विद्यार्थियों की इन समस्याओं एवं मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि प्रशासन समय रहते उचित कदम नहीं उठाता है, तो विद्यार्थी परिषद अपने आंदोलन को और उग्र करेगी ताकि छात्रों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण और आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।