नाहन : राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद जिला सिरमौर के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को जिला सिरमौर के उच्च एवं प्रारंभिक शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से भेंट कर संस्कृत शिक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने उप शिक्षा निदेशक (उच्च) डॉ. मदन लाल तथा उप शिक्षा निदेशक (प्रारंभिक) राजीव ठाकुर से मुलाकात कर मुख्य रूप से दो प्रमुख मांगें अधिकारियों के समक्ष रखीं।
प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों से आग्रह किया कि आगामी 25 से 31 अगस्त तक आयोजित होने वाले ‘संस्कृत सप्ताह’ को जिला सिरमौर के प्रत्येक विद्यालय में प्रभावी एवं उत्साहपूर्वक मनाया जाए। परिषद ने कहा कि संस्कृत केवल एक विषय नहीं, बल्कि भारत की प्राचीन ज्ञान-परंपरा, संस्कृति, दर्शन एवं संस्कारों की आधारभूत भाषा है। स्कूलों में इसके आयोजन से विद्यार्थियों में इस भाषा के प्रति रुचि और सम्मान की भावना विकसित होगी। इसके लिए सभी विद्यालयों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने तथा रचनात्मक गतिविधियां आयोजित करने का निवेदन किया गया।

इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने जिले में कार्यरत शास्त्री वर्ग के न्यायालय और विभागीय स्तर पर लंबे समय से लंबित मामलों को भी प्रमुखता से उठाया। परिषद ने आग्रह किया कि इन प्रकरणों पर विभागीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई करते हुए नियमानुसार जल्द समाधान किया जाए, ताकि शिक्षकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।
इस अवसर पर राजकीय संस्कृत शिक्षक परिषद जिला सिरमौर के अध्यक्ष आचार्य देवेन्द्र शर्मा, उपाध्यक्ष धनबीर शास्त्री, सलाहकार आचार्य राधेश्याम, अमित शास्त्री तथा पच्छाद ब्लॉक संस्कृत परिषद के अध्यक्ष अमित शास्त्री सहित अन्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
परिषद के जिलाध्यक्ष आचार्य देवेन्द्र शर्मा ने कहा कि उनका उद्देश्य संस्कृत भाषा के संवर्धन के साथ-साथ शिक्षकों की समस्याओं का समाधान कराना है। उन्होंने संस्कृत सप्ताह को केवल औपचारिकता न बनाकर विद्यार्थियों को गौरवशाली परंपरा से जोड़ने का आह्वान किया। परिषद ने अधिकारियों का सकारात्मक रुख के लिए आभार व्यक्त किया।