सोलन: राजकीय महाविद्यालय सोलन के बी.वॉक विभाग एवं करियर एवं प्लेसमेंट सेल के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को एक भव्य कैंपस प्लेसमेंट ड्राइव का आयोजन किया गया। इस विशेष शिविर में प्रसिद्ध अमेरिकी रिटेल एवं फैशन ब्रांड GUESS India द्वारा कैंपस इंटरव्यू व प्लेसमेंट कैंप लगाया गया, जिसमें राजकीय महाविद्यालय सोलन के बी.वॉक (रिटेल मैनेजमेंट) के विद्यार्थियों के साथ-साथ राजकीय कन्या महाविद्यालय शिमला के लगभग 150 छात्र-छात्राओं ने भी बढ़-चढ़कर भाग लिया।

चयन प्रक्रिया और कंपनी के प्रतिनिधि
प्रतिष्ठित फैशन ब्रांड GUESS India की ओर से विद्यार्थियों के चयन के लिए विभिन्न चरणों में साक्षात्कार आयोजित किए गए। कंपनी की चयन टीम में बिजनेस हेड कीर्ति, ऑपरेशंस हेड राहुल, एचआर टीम से पूर्वाशा तथा स्टोर मैनेजर स्नेही शामिल रहे, जिन्होंने विद्यार्थियों की योग्यताओं और कौशल का परीक्षण किया।
कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शिवानी शर्मा ने कंपनी से आए सभी प्रतिनिधियों का गर्मजोशी से स्वागत किया और महाविद्यालय में आने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने सभी विद्यार्थियों को साक्षात्कार में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
बी.वॉक विभाग की उपलब्धियां और प्लेसमेंट के अवसर
बी.वॉक विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार शर्मा ने बताया कि विभाग द्वारा विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार के बेहतरीन अवसर उपलब्ध कराने के लिए समय-समय पर ऐसे प्लेसमेंट कैंप आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने गर्व के साथ साझा किया कि पिछले वर्षों में विभाग के लगभग 20 विद्यार्थियों का चयन Decathlon, Tanishq, Fabindia, RBL और Cantabil जैसी विभिन्न राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित कंपनियों में हो चुका है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्लेसमेंट ड्राइव से भी विद्यार्थियों को कॅरियर के नए द्वार खुलेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि इस साक्षात्कार में चयनित होने वाले विद्यार्थियों के अंतिम नामों की घोषणा कंपनी द्वारा बाद में की जाएगी।
इस प्लेसमेंट कैंप के सफल आयोजन में सेवा प्रदाता संस्था मेधावी फाउंडेशन के स्टेट कोऑर्डिनेटर नितिन मन्हास, डॉ. रमेश कश्यप सहित बी.वॉक विभाग के प्राध्यापकों खुशबू चौहान, राकेश खाची, कविता कंवर, सौरभ नारियल, हीना शर्मा, सुमिता ठाकुर, ममता शर्मा, करुणा वर्मा, दिव्या शर्मा और पायल ने अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सराहनीय सहयोग दिया।