सोलन: एंटी-चिट्टा अभियान के तहत नशा तस्करों के वित्तीय नेटवर्क पर करारा प्रहार करते हुए जिला पुलिस सोलन ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एनडीपीएस अधिनियम के एक मामले में व्यापक वित्तीय जांच के दौरान नशा तस्करी से अर्जित ₹47.76 लाख से अधिक की अवैध संपत्ति को विधि अनुसार फ्रीज कर दिया है। यह कार्रवाई स्वापक औषधि एवं मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 के अध्याय V-A के तहत अमल में लाई गई है, ताकि मादक पदार्थों के काले कारोबार से अर्जित संपत्तियों पर शिकंजा कसा जा सके।

इस पूरी कार्रवाई 10 मार्च 2026 से शुरू हुई, जब जिला पुलिस की एसआईयू टीम ने दाडलाघाट क्षेत्र में कराड़ाघाट के समीप नाकाबंदी के दौरान एक ऑल्टो कार और ट्रक को चेकिंग के लिए रोका। तलाशी के दौरान ट्रक से 1.980 किलोग्राम चरस और 935 ग्राम अफीम बरामद हुई। मौके पर ही ट्रक चालक कमलेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि ऑल्टो कार चालक मनोज कुमार अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। इस संबंध में थाना दाडलाघाट में एफआईआर 13/2026 दर्ज की गई।
तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और सीडीआर के विश्लेषण से साफ हुआ कि मनोज कुमार कार से ट्रक को पायलट कर रहा था। पुलिस की लगातार दबिश के बाद 23 मार्च 2026 को मुख्य आरोपी मनोज कुमार उम्र 40 वर्ष को सोलन शहर से गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपी मनोज कुमार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उसके और उसके परिवार के वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले। जांच में जो तथ्य सामने आए, वे बेहद चौंकाने वाले थे। 01 जनवरी 2023 से 10 मार्च 2026 के दौरान बैंक खातों में लगभग ₹2.05 करोड़ का संदिग्ध वित्तीय लेन-देन पाया गया, जो उसकी वैध आय से मेल नहीं खाता था। पत्नी के खातों में ₹58 लाख का लेन-देन, फिक्स्ड डिपॉजिट्स (FDs) और अन्य निवेश सामने आए। आरोपी के फरार होने के बाद कुछ एफडी को समय से पहले भुनाया भी गया था।
मौजा भड़ोग तहसील घुमारवीं, जिला बिलासपुर में 26 मार्च 2025 को नामांतरण संख्या 1249 के माध्यम से खरीदी गई लगभग 5 बिस्वा भूमि का पता चला। विक्रेता के अनुसार इस जमीन का सौदा ₹28 लाख में तय हुआ था। पिता के खातों में ₹48 लाख से अधिक का संदिग्ध लेन-देन और बार-बार नकद जमा होने की पुष्टि हुई। इसके अलावा बहन के खाते में भी संदिग्ध लेन-देन पाए गए। मनोज कुमार और उसके परिवार के नाम पर कुल ₹45.32 लाख से अधिक की ऐसी संपत्ति/निवेश पाए गए जो नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित किए गए थे।
मामले में फरार चल रहे मुख्य सप्लायर दत्त राम निवासी गांव मछयार, डाकखाना बाथाड़, तहसील बंजार, जिला कुल्लू, जिसके खिलाफ प्रोक्लामेशन ऑर्डर जारी हो चुके हैं, के वित्तीय रिकॉर्ड भी खंगाले गए। जांच में दत्त राम व उसके परिवार और मनोज कुमार व उसकी पत्नी के बैंक खातों के बीच संदिग्ध वित्तीय लेन-देन पाए गए। दत्त राम और उसके परिवार से संबंधित ₹2.44 लाख की संपत्ति/निवेश को भी अवैध कारोबार से जुड़ा पाया गया।
वित्तीय अन्वेषण के पश्चात सोलन पुलिस ने आरोपी मनोज कुमार, मुख्य सप्लायर दत्त राम और उनके परिवारों की बैंकिंग परिसंपत्तियों, वित्तीय निवेशों और अचल संपत्ति सहित कुल ₹47,76,000 की संपत्तियों को सीज/फ्रीज कर दिया है। इस कार्रवाई की फाइल आगामी विधिक प्रक्रिया हेतु सक्षम प्राधिकारी एवं प्रशासक, नई दिल्ली को भेज दी गई है।
उल्लेखनीय है कि जिला पुलिस सोलन द्वारा वर्ष 2026 में अब तक 2 अलग-अलग मामलों में 13 आरोपियों/सहयोगियों की ₹1.15 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति को फ्रीज किया जा चुका है। सोलन पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करों के आर्थिक तंत्र को ध्वस्त करने के लिए इस तरह की वित्तीय जांच और जब्ती अभियान आगे भी जारी रहेगा।