सोलन: हिमाचल प्रदेश के सोलन शहर में युवा पीढ़ी को नशे के बढ़ते प्रकोप से बचाने के उद्देश्य से जिला कल्याण विभाग और ज्ञान-विज्ञान समिति सोलन के संयुक्त तत्वावधान में नशा भगाओ, युवा बचाओ विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में सोलन शहर के विभिन्न शिक्षण संस्थानों के करीब 100 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) सोलन रमेश शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की, जबकि सोलन पीजी कॉलेज की मनोविज्ञान विभागाध्यक्ष मुख्य स्रोत व्यक्ति के रूप में उपस्थित रहीं।

मुख्यातिथि एएसपी रमेश शर्मा ने युवाओं को विश्व युवा दिवस की शुभकामनाएं देते हुए उनसे नशा न करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने सचेत करते हुए कहा कि धूम्रपान ही नशे का पहला प्रवेश द्वार है, इसलिए युवाओं को शुरुआत में ही नशे को ‘ना’ कहने की आदत डालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चिट्टा की तरफ बढ़ता हर कदम सीधा मौत की तरफ ले जाता है।
हिमाचल में सिंथेटिक ड्रग्स के बढ़ते खतरे पर चिंता व्यक्त करते हुए एएसपी शर्मा ने बताया कि वर्तमान में सिंथेटिक ड्रग्स का प्रयोग सबसे बड़ी चुनौती बन चुका है और राज्य में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज होने वाले 50 प्रतिशत से अधिक मामले ड्रग्स से संबंधित हैं। प्रदेश में चिट्टा का पहला मामला वर्ष 2016 में दर्ज हुआ था, जबकि आज यह एक गंभीर सामाजिक समस्या बन चुका है। उन्होंने युवाओं को पुलिस के ‘ड्रग फ्री हिमाचल ऐप’ और टोल-फ्री नंबर की जानकारी दी, ताकि नशा तस्करों की सूचना बिना पहचान उजागर किए पुलिस तक पहुंचाई जा सके।
कार्यशाला की शुरुआत में ज्ञान-विज्ञान समिति के जिलाध्यक्ष डॉ. बी.एस. पंवार ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया और समिति द्वारा नशा निवारण के लिए चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी दी। इस अवसर पर जिला कल्याण अधिकारी विवेक अरोड़ा, तहसील कल्याण अधिकारी बलवीर सिंह, समिति के प्रतिनिधि सीता राम ठाकुर, डी.एस. रावत, उर्मिल ठाकुर, सुदेश ठाकुर, गुलाब सिंह और कविता सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।