हिमाचल में बंपर भर्तियां, हिमकेयर में 10 लाख तक मुफ्त इलाज; शूलिनी मेले को राष्ट्रीय दर्जा

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By Hills Post

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में आज राज्य सचिवालय में आयोजित प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में जनकल्याण, रोजगार और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई ऐतिहासिक निर्णयों पर मुहर लगाई गई है। सरकार ने जहां स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग में हजारों पदों को भरने की मंजूरी दी है, वहीं किसानों, सरकारी जमीन पर बसे भूमिहीनों और अग्निकांड पीड़ितों के लिए विशेष राहत पैकेजों का ऐलान किया है।

कैबिनेट ने युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से विभिन्न विभागों में खाली पड़े पदों को सृजित कर तुरंत भरने के निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सा अधिकारी के 300 पद, स्टाफ नर्स के 200 पद, चतुर्थ श्रेणी/मल्टी टास्क वर्कर के 250 पद, तकनीकी स्टाफ के 162 पद (76 ऑपरेशन थियेटर सहायक, 50 लैब तकनीशियन ग्रेड-II और 36 रेडियोग्राफर)।

इसके अतिरिक्त विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों में 75 सहायक प्रोफेसरों के पद भरे जाएंगे। इसके अलावा नेरचौक मेडिकल कॉलेज के कार्डियोलॉजी विभाग में 2 असिस्टेंट प्रोफेसर और 2 सीनियर रेजिडेंट के पद स्वीकृत किए गए हैं। लोक निर्माण विभाग में भर्ती निदेशालय के अंतर्गत वर्क इंस्पेक्टर के 400 पद सृजित कर भरे जाएंगे। उच्च शिक्षा में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) शिमला में विभिन्न विभागों में 17 सहायक प्रोफेसरों की भर्ती की जाएगी। प्रशासनिक सेवा (HAS) के 3 पद, मण्डलायुक्त कार्यालय मंडी में JOA (IT) के 2 पद, होमगार्ड विभाग में 1 JOA (IT) और दिव्यांग श्रेणी से 1 मल्टी टास्क वर्कर का पद भरा जाएगा। बागवानी एवं वानिकी महाविद्यालय नेरी (हमीरपुर) में भी 3 पद स्वीकृत किए गए हैं।

प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में चल रही ‘हिमकेयर’ योजना को पूरी तरह से बीमा मॉडल के तहत संचालित करने का नीतिगत फैसला लिया है। संशोधित व्यवस्था के तहत अब गंभीर बीमारियों की स्थिति में पात्र लाभार्थियों को मिलने वाले स्वास्थ्य कवर को बढ़ा दिया गया है। अब मरीजों को 5 लाख रुपये के स्थान पर 7 लाख रुपये तथा विशेष परिस्थितियों में 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज (स्वास्थ्य बीमा कवर) प्रदान किया जाएगा।

कृषि ऋण ब्याज अनुदान योजना
कर्ज के जाल में फंसे और जिन किसानों की भूमि नीलामी (Kurki) के कगार पर है, उन्हें बचाने के लिए सरकार आगे आई है। पात्र किसानों के 3 लाख रुपये तक के कृषि लोन पर ब्याज की आधी देनदारी (50%) राज्य सरकार वहन करेगी। इससे प्रदेश के 6,356 किसानों को सीधी राहत मिलेगी।

सरकारी भूमि पर अतिक्रमण नियमितीकरण नीति-2026: आवासीय, कृषि एवं बागवानी उद्देश्यों के लिए अनजाने में या मजबूरीवश सरकारी भूमि पर काबिज भूमिहीन परिवारों और सीमांत किसानों के लिए यह मानवीय नीति तैयार की गई है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप तैयार की गई इस पॉलिसी को अंतिम मंजूरी के लिए भारत सरकार (केंद्र) को भेजा गया है।

ट्रैक्टर संचालकों को बड़ी राहत: घरेलू उपयोग के लिए खनिज (रेत, बजरी, पत्थर) का परिवहन करने वाले ग्रामीण ट्रैक्टरों की कम्पाउंडिंग फीस को 4,500 रुपये से भारी-भरकम कटौती कर मात्र 500 रुपये कर दिया गया है।

सोलन के माँ शूलिनी मेले को मिला राष्ट्रीय दर्जा

    सोलन जिला के ऐतिहासिक राज्य स्तरीय शूलिनी मेले को अब ‘राष्ट्रीय स्तर’ (National Level) का दर्जा प्रदान कर दिया गया है। चंबा जिला के छतराड़ी स्थित मां शिव शक्ति जातर मेला तथा कांगड़ा जिला के इंदौरा स्थित काठगढ़ शिवरात्रि मेले को ‘राज्य स्तरीय मेले’ का दर्जा मिला है। नेरटी रैत मेला (कांगड़ा), बाड़ीधार मेला सरयांज (अर्की, सोलन), छिंज मेला गरनोटा (चंबा) और नाहवीधार मेला (करसोग, मंडी) को जिला स्तरीय घोषित किया गया है।

    कर्मचारी और आउटसोर्स/अंशकालिक कर्मियों के लिए ऐतिहासिक निर्णय
    करुणामूलक नियुक्तियां (Compassionate Appoints): विभिन्न विभागों द्वारा पूर्व में तकनीकी या अलग-अलग कारणों से अस्वीकृत (रिजेक्ट) किए गए करुणामूलक मामलों पर सरकार दोबारा विचार करेगी। एकमुश्त विशेष उपाय के तहत सबसे वाजिब मामलों की दोबारा जांच कर नियमों में आवश्यक छूट दी जाएगी।

      31 मार्च, 2026 तक लगातार 7 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके सभी अंशकालिक (Part-time) कर्मचारियों को दैनिक वेतनभोगी बनाने को मंजूरी दे दी गई है। उच्च शिक्षा या ट्रेनिंग के लिए अध्ययन अवकाश पर जाने वाले सरकारी कर्मचारियों को अब पूरा वेतन (Full Salary) मिलेगा। पूर्व में जिन्होंने अवकाश लिया था, उनके बकाये का भी भुगतान होगा।

      विभिन्न विभागों में कार्यरत जॉब ट्रेनीज़ (Job Trainees) को अब 15 दिन का पितृत्व अवकाश प्रदान किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में एक मंत्रिमंडलीय उपसमिति का गठन किया गया है, जो विभिन्न विभागों में मल्टी टास्क वर्करों की भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी, केन्द्रीकृत और सुव्यवस्थित करेगी।

      स्वरोजगार, भांग की खेती और आपदा राहत पैकेज
      युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए इस योजना का चौथा चरण शुरू होगा। इसके तहत स्थानीय रूटों पर चलाने के लिए ई-बस (E-Bus) खरीदने पर 50 प्रतिशत तथा डीजल बस खरीदने पर 30 प्रतिशत की भारी सब्सिडी सरकार देगी।

        भंग की खेती के लिए नियम संशोधित

        ‘हिमाचल प्रदेश एनडीपीएस नियम, 1989’ में संशोधन को मंजूरी दी गई है। अब प्रदेश में केवल चिकित्सा (Medical) एवं वैज्ञानिक (Scientific) उद्देश्यों के लिए भांग की नियंत्रित खेती, प्रसंस्करण, भंडारण और परिवहन को कानूनी दायरे में विनियमित किया जा सकेगा।

        अग्निकांड पीड़ितों को 7-7 लाख की मदद: शिमला जिले के जुब्बल, कोटखाई और रोहड़ू क्षेत्रों के 15 भीषण अग्नि प्रभावित परिवारों के लिए विशेष राहत पैकेज मंजूर हुआ है। जिनके मकान पूरी तरह राख हो गए हैं, उन्हें प्रति परिवार 7 लाख रुपये की नकद वित्तीय सहायता दी जाएगी। सरकार कुल 84.70 लाख रुपये बांटेगी।

        परीक्षा शुल्क की वापसी: पूर्ववर्ती भंग हो चुके हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग (HPSSC) हमीरपुर द्वारा जारी 80 पोस्ट कोडों के विज्ञापनों को आधिकारिक रूप से वापस ले लिया गया है। इससे प्रभावित अभ्यर्थियों को 4.27 करोड़ रुपये का परीक्षा शुल्क वापस किया जाएगा।

        इंफ्रास्ट्रक्चर व अन्य महत्वपूर्ण फैसले
        ग्रेजिंग पॉलिसी-2026 (Grazier Policy): वन विभाग और पशुपालन विभाग संयुक्त रूप से एक ऑनलाइन पोर्टल विकसित करेंगे, जिससे प्रदेश के चरवाहों और पशुपालकों को घर बैठे रियल-टाइम ‘परमिट’ मिल सकेंगे।

          तकनीकी शिक्षण संस्थान नवाचार नीति: तकनीकी कॉलेजों में उद्यमिता और स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए वर्ष 2026 से 2028 तक 2 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है।

          मंडी के नागरिक अस्पताल सरकाघाट की क्षमता 100 से बढ़ाकर 150 बिस्तर तथा सोलन के बद्दी अस्पताल को 200 बिस्तरों में अपग्रेड किया गया है। सोलन के मानपुरा और हमीरपुर के मझेली में नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोले जाएंगे।

          शिमला के जुब्बल स्थित ठाकुर रामलाल कन्या खेल छात्रावास को स्तरोन्नत कर ‘ठाकुर रामलाल राजकीय बालिका खेल विद्यालय, जुब्बल’ बनाया जाएगा, जहां 23 नए पद सृजित किए गए हैं।

          कांगड़ा के बैजनाथ और बीड़ उप-मंडलों का पुनर्गठन कर चढ़ि़यार में लोक निर्माण विभाग का नया उप-मंडल स्थापित होगा। कांगड़ा के पटोला (132/33 केवी) और कंगैहण (220 केवी) सब-स्टेशन निर्माण के लिए एचपी पावर ट्रांसमिशन कॉर्पोरेशन को 40 वर्षों की लीज (पट्टा) मंजूर की गई है।

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