हिमाचल में स्वास्थ्य व शिक्षा क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव: सीएम

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By Hills Post

शिमला: मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पिछले साढ़े तीन वर्षों में स्वास्थ्य, शिक्षा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए कई युगांतकारी कदम उठाए हैं। सरकार का मुख्य ध्येय गरीब और जरूरतमंद वर्गों को प्रदेश में ही सस्ती, सुलभ और विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। वे ‘दिव्य हिमाचल’ समाचार पत्र समूह द्वारा आयोजित ‘हिमाचल रत्न’ अलंकरण समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली 13 प्रतिष्ठित हस्तियों को ‘हिमाचल रत्न पुरस्कार’ से नवाजा।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश उत्तर भारत में आधुनिक रोबोटिक सर्जरी का प्रमुख केंद्र बनकर उभरा है। निजी अस्पतालों में जिस रोबोटिक सर्जरी का खर्च 6 से 7 लाख रुपये आता है, वही सर्जरी प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में मात्र 30 हजार से 80 हजार रुपये में उपलब्ध कराई जा रही है। अब तक राज्य में 400 से अधिक सफल रोबोटिक सर्जरी की जा चुकी हैं। इसके अतिरिक्त सभी मेडिकल कॉलेजों में 3-टेस्ला एमआरआई मशीनें स्थापित की जा चुकी हैं और अगले 6 माह में एमआरआई, सीटी स्कैन तथा एक्स-रे की वेटिंग लिस्ट समाप्त करने का लक्ष्य रखा गया है। अगले चार महीनों में ऑटोमेटेड लैब भी शुरू होंगी, जिससे एक ही ब्लड सैंपल से कई जांचें हो सकेंगी।

स्वास्थ्य के बुनियादी ढांचे का विस्तार करते हुए हमीरपुर में ‘एलाइड हेल्थ कॉलेज’ स्थापित किया जा रहा है तथा इस वर्ष स्नातकोत्तर (पीजी) चिकित्सा की 320 अतिरिक्त सीटें जोड़ी जा रही हैं। सरकार डॉक्टरों के वेतन में वृद्धि और नॉन-प्रैक्टिसिंग अलाउंस (एनपीए) देने पर भी सकारात्मक विचार कर रही है।

शिक्षा क्षेत्र के सुधारों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में 150 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं, जो निजी स्कूलों को कड़ी टक्कर देंगे। इन स्कूलों में 80 प्रतिशत से अधिक मेरिट वाले शिक्षकों की नियुक्ति की जा रही है और भर्ती प्रक्रिया 15 सितंबर तक पूरी कर ली जाएगी।

श्री सुक्खू ने बताया कि राज्य सरकार हिमाचल में तीन नए शहर विकसित करने की महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रही है, साथ ही प्रशासनिक तंत्र को सुव्यवस्थित किया जा रहा है ताकि सरकारी धन का अधिकतम उपयोग जनकल्याण में हो सके। उन्होंने कहा कि सालाना 8 हजार करोड़ रुपये के राजस्व घाटा अनुदान (RDG) की कमी के बावजूद कर्मचारियों के वेतन और पेंशनरों की पेंशन का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जा रहा है।

इस अवसर पर उप-मुख्य सचेतक केवल सिंह पठानिया, विधायक संजय अवस्थी, कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष नरदेव कंवर, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी, अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार चंद शर्मा, ‘दिव्य हिमाचल’ के प्रधान संपादक अनिल सोनी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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