शिमला : हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को सुचारू रूप से बनाए रखने और जनता की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। सरकार ने हिमाचल प्रदेश सड़क परिवहन निगम (HRTC) और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं से जुड़े तमाम कर्मचारियों की किसी भी प्रकार की हड़ताल पर अगले छह महीनों के लिए पूरी तरह से रोक लगा दी है। इस संबंध में परिवहन विभाग (Department of Transport) द्वारा आज एक आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी गई है।
सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, परिवहन सेवाओं को ‘हिमाचल प्रदेश आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम, 1972’ (Essential Services Maintenance Act – ESMA) के तहत आवश्यक सेवाएं घोषित किया गया है। सरकार को ऐसी सूचनाएं मिल रही थीं कि आने वाले समय में कर्मचारियों द्वारा हड़ताल, काम बंद करने, सामूहिक आकस्मिक अवकाश (मास कैजुअल लीव) या ‘गो-स्लो’ जैसी रणनीतियों के जरिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को ठप करने की कोशिश की जा सकती है। इस संभावित व्यवधान से आम जनता की सुरक्षा, आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति और लोक हित प्रभावित न हो, इसी को देखते हुए राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है।

इस आदेश के लागू होने के बाद अब परिवहन विभाग या HRTC का कोई भी कर्मचारी न तो किसी नई हड़ताल की शुरुआत कर सकेगा, न उसमें शामिल हो सकेगा और न ही किसी को हड़ताल के लिए उकसा सकेगा। यह प्रतिबंध अधिसूचना जारी होने की तारीख से अगले छह महीने तक या आगामी आदेशों (जो भी पहले हो) तक तुरंत प्रभाव से लागू रहेगा। सरकार के इस कदम से साफ है कि वह प्रदेश में आवश्यक सेवाओं की निरंतरता और यात्रियों के बेरोक-टोक आवागमन को लेकर कोई समझौता करने के मूड में नहीं है।