सोलन: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) नई दिल्ली के तत्वावधान में शनिवार को गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सोलन में एक दिवसीय पेपर प्रेजेंटेशन वर्कशॉप का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य विषय कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रहा। कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक तकनीकी अवधारणाओं से जोड़ते हुए स्कूली शिक्षा में इन्नोवेशन को बढ़ावा देना था।

कार्यशाला में गुरुकुल स्कूल के शिक्षकों के अलावा हिमाचल प्रदेश के विभिन्न नामी विद्यालयों से आए शिक्षकों ने हिस्सा लिया और गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, भाषाओं व अन्य विषयों में एआई (AI) और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग के प्रभावी उपयोग पर आधारित अपने अभिनव शोध-पत्र प्रस्तुत किए। प्रतिभागी शिक्षकों ने इसके माध्यम से विद्यार्थियों के समग्र विकास और भविष्य उन्मुख शिक्षा की आवश्यकता पर विशेष प्रकाश डाला।
प्रत्येक प्रेजेंटेशन के बाद निर्णायक मंडल ने शोध-पत्रों की विषयवस्तु, रिसर्च मैथडोलॉजी, व्यावहारिक उपयोगिता और क्लासरूम में उनके प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कई कड़े और महत्वपूर्ण सवाल पूछे। प्रतिभागी शिक्षकों ने आत्मविश्वास, तार्किक दृष्टिकोण और विषय की गहरी समझ के साथ जूरी के तमाम प्रश्नों के उत्तर देकर अपने विचारों का सफलतापूर्वक समर्थन किया। इस प्रश्नोत्तर सत्र ने पूरी कार्यशाला को अत्यंत संवादात्मक और ज्ञानवर्धक बना दिया।
इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम के विशेषज्ञ और निर्णायक मंडल में शिक्षा और तकनीक जगत की कई जानी-मानी हस्तियां शामिल रहीं, जिनमें डॉ. निशांत जैन, सहायक प्राध्यापक जे.पी. विश्वविद्यालय, वाकनाघाट, श्रीमती वंदना शर्मा प्रधानाचार्या, साई ब्लाइट इंटरनेशनल स्कूल, धर्मपुर, पंकज डढ़वालिया पी.जी.टी. इन्फॉर्मेटिक्स प्रैक्टिसेज, पाइनग्रोव स्कूल, धर्मपुर थे।
विशेषज्ञों ने सभी शिक्षकों के शोध-पत्रों की सराहना करते हुए उनके नवाचारी प्रयासों को खूब सराहा और स्कूली शिक्षा में एआई के सही व प्रभावी समावेश के लिए कई बहुमूल्य सुझाव भी दिए।
कार्यशाला के समापन पर विशेषज्ञों ने संयुक्त रूप से कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के अनुरूप कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य की शिक्षा के दो सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ हैं। इस प्रकार के आयोजन शिक्षकों को नवीनतम तकनीकों से अपडेट करने के साथ-साथ छात्रों में क्रिएटिविटी, तार्किक चिंतन और समस्या-समाधान के कौशल विकसित करने में अहम भूमिका निभाएंगे। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न स्कूलों से आए मेहमानों और निर्णायकों ने गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल की उत्कृष्ट मेजबानी, सुव्यवस्थित तकनीकी प्रबंधन और आत्मीय आतिथ्य की जमकर तारीफ की।