सोलन: 1 हिमाचल प्रदेश बटालियन NCC सोलन द्वारा चितकारा यूनिवर्सिटी परिसर में 10 दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का सोमवार को विधिवत शुभारंभ किया गया। यह उच्च स्तरीय सैन्य व नागरिक प्रशिक्षण शिविर 15 जून से 24 जून 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस बार के कैंप की खास बात यह है कि इसमें पारंपरिक सैन्य ट्रेनिंग के साथ-साथ आधुनिक तकनीक को भी जोड़ा गया है।

कैंप के पहले दिन प्रदेश के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों से पहुंचे 460 एनसीसी कैडेट्स भाग ले रहे हैं। इसके साथ ही कैंप को सुचारू रूप से चलाने के लिए 43 पी.आई. स्टाफ सदस्य भी तैनात किए गए हैं। शिविर के प्रथम दिन पहुंचे सभी छात्र-छात्राओं (कैडेटों) के आगमन की औपचारिकताएं और पंजीकरण प्रक्रिया पूरी की गई। इसके उपरांत सभी प्रतिभागियों को सैन्य नियमों की मर्यादा समझाने के लिए एक विशेष उद्घाटन ब्रीफिंग एवं ओरिएंटेशन सत्र का आयोजन किया गया।
यह पूरा प्रशिक्षण शिविर भारतीय सेना के वरिष्ठ अधिकारियों के सीधे मार्गदर्शन और कुशल नेतृत्व में आयोजित किया जा रहा है। जिसमें कमांडिंग ऑफिसर (CO) कर्नल राजीव थॉमस, प्रशासनिक अधिकारी कर्नल ए. एस. सिद्धू, मुख्य सहयोगी जेसीओ सूबेदार मेजर सुनील राणा, जेसीओ अतीक अहमद और एडम जेसीओ राजीव शामिल हैं। शिविर के सफल संचालन में एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर्स (ANO) प्रशांत रोहिता, अनिल राणा, अंजना ठाकुर और विकास शर्मा सहित अन्य सैन्य स्टाफ भी मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।
कमांडिंग ऑफिसर कर्नल राजीव थॉमस ने शिविर के विस्तृत शेड्यूल और ट्रेनिंग मॉड्यूल की जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि इस 10 दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान कैडेटों के सर्वांगीण विकास पर फोकस किया जाएगा।
कैंप के दौरान कैडेट्स को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन टेक्नोलॉजी की बुनियादी जानकारियों से रूबरू कराया जाएगा, जो आज के समय की बड़ी मांग है। सैन्य ड्रिल, हथियारों की सामान्य जानकारी व फायरिंग पोजीशन, मैप रीडिंग (मानचित्र अध्ययन) और फील्ड क्राफ्ट, शारीरिक प्रशिक्षण (PT), योग, समूह चर्चा, हेल्थ एंड हाइजीन (स्वास्थ्य एवं स्वच्छता), नेतृत्व विकास कार्यक्रम तथा व्यक्तित्व संवर्धन व्याख्यान शामिल हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं, सांस्कृतिक कार्यक्रम और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी रैलियां व नुक्कड़ नाटक भी आयोजित किए जाएंगे।
एनसीसी अधिकारियों के अनुसार, इस एटीसी (ATC) कैंप का प्राथमिक उद्देश्य कैडेटों में नेतृत्व क्षमता, कड़ा सैन्य अनुशासन, आत्मविश्वास, मजबूत व्यक्तित्व और राष्ट्र सेवा की भावना को और अधिक सुदृढ़ करना है। ऐसे शिविर युवाओं को कठिन परिस्थितियों में सर्वाइव करने, आत्मनिर्भर बनने और एक मजबूत टीम वर्क के साथ काम करने की प्रेरणा देते हैं।
आगामी दिनों में कैडेट्स विभिन्न अंतर-कंपनी प्रतियोगिताओं में भाग लेकर अपने हुनर का लोहा मनवाएंगे। यूनिवर्सिटी कैंपस में कैंप को लेकर सुरक्षा और साजो-सामान की सभी तैयारियां पूरी हैं, और अधिकारियों को उम्मीद है कि यह कैंप इन युवाओं को भविष्य में देश का एक जिम्मेदार और जांबाज नागरिक बनाने में मील का पत्थर साबित होगा।