सोलन: हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के एनसीसी ट्रैकिंग कैंप हिमट्रेक 2026 के अंतर्गत देश भर से आए कैडेट्स रोमांच, शारीरिक फिटनेस, अनुभवात्मक शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के एक बेहद समृद्ध दौर से गुजर रहे हैं। शिविर के दौरान कैडेट्स को न केवल पहाड़ों की कठिन चढ़ाई को फतह करने का मौका मिल रहा है, बल्कि उनके भीतर टीम वर्क और नेतृत्व क्षमता को भी निखारा जा रहा है।

शिविर के पहले दिन की शुरुआत सुबह के समय कड़क योगाभ्यास और ऊर्जावान ज़ुम्बा सत्र के साथ हुई, जिसने कैडेट्स को दिनभर की कठिन गतिविधियों के लिए तरोताजा कर दिया। इसके बाद कैंप को दो मुख्य ग्रुपों में बांटकर ट्रैकिंग रूट्स पर रवाना किया गया:
ग्रुप ए (शिमला ग्रुप, राजस्थान और उत्तराखंड निदेशालय):
इस ग्रुप के कैडेट्स ने सोलन के प्रसिद्ध तारा देवी ट्रेक पर चढ़ाई की। प्रकृति के बीच से गुजरते हुए इस मार्ग को फतह करने के बाद कैडेट्स ने स्थानीय साइंस म्यूज़ियम का भी विस्तृत भ्रमण किया, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण वैज्ञानिक और व्यावहारिक जानकारियां हासिल कीं।
ग्रुप बी (मध्य प्रदेश व छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर व लद्दाख तथा पंजाब-हरियाणा ग्रुप):
इस ग्रुप के जांबाज कैडेट्स ने वकना ट्रेक की ओर रुख किया। घने जंगलों के बीच इस ट्रेक पर कैडेट्स के लिए विशेष रूप से ट्रेज़र हंट और टीम-बिल्डिंग गतिविधियों का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य युवाओं में नेतृत्व क्षमता, आपसी सहयोग और संकट के समय समस्या समाधान के कौशल को विकसित करना था।
संध्याकालीन सांस्कृतिक व बौद्धिक सत्र में 1 एचपी गर्ल्स बटालियन सोलन की सीनियर अंडर ऑफिसर परिनीता ने विशेष वक्ता के रूप में शिरकत की। उन्होंने दिल्ली में आयोजित गणतंत्र दिवस शिविर तथा भारत सरकार के प्रतिनिधित्व के रूप में रूस में आयोजित यूथ एक्सचेंज प्रोग्राम के अपने अंतरराष्ट्रीय और अविस्मरणीय अनुभवों को देश भर से आए कैडेट्स के साथ साझा किया। उनके इस व्याख्यान ने अन्य कैडेट्स को भी सेना और देश सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए बेहद प्रेरित किया।
चैंपियनशिप के दूसरे दिन को दोनों समूहों (ग्रुप ए और ग्रुप बी) के ट्रैकिंग रूट्स को आपस में बदल दिया गया। इससे सभी राज्यों के कैडेट्स को तारा देवी और वकना ट्रेक, दोनों ही कठिन व खूबसूरत ट्रैकिंग मार्गों का समान रूप से अनुभव प्राप्त हो सका।
दिन का समापन एक बेहद शानदार इंटर-डायरेक्टरेट ग्रुप सॉन्ग प्रतियोगिता के साथ हुआ। इस प्रतियोगिता में विभिन्न राज्यों के निदेशालयों से आए कैडेट्स ने अपने-अपने राज्यों के पारंपरिक लोक गीतों और देशभक्ति के तरानों से समां बांध दिया। इस सांस्कृतिक संध्या ने कैंप परिसर में अनेकता में एकता और मिनी इंडिया के जीवंत रूप को प्रदर्शित किया।
शिविर के सैन्य अधिकारियों और एएनओ के अनुसार, हिमट्रेक 2026 युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए एक उत्कृष्ट और बेजोड़ मंच सिद्ध हो रहा है। यहां से मिलने वाले अनुशासन, आत्मनिर्भरता और अटूट दोस्ती के अनुभव इन एनसीसी कैडेट्स के जीवन में हमेशा एक अविस्मरणीय और अनमोल सीख के रूप में काम करेंगे।