नाहन : हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक (HPSCB) की त्रिलोकपुर शाखा द्वारा स्थानीय विद्यालय में ‘सपनों का संचय’ योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षकों सहित करीब 100 विद्यार्थियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम में बैंक अधिकारियों ने विद्यार्थियों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए योजना की रूपरेखा, जमा प्रक्रिया और भविष्य में मिलने वाले वित्तीय लाभों की विस्तृत जानकारी दी। शाखा प्रबंधक विशाल तोमर ने बताया कि यह योजना 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसके अंतर्गत बच्चे के नाम पर बचत खाता खोला जाता है, जिसमें प्रतिवर्ष न्यूनतम ₹5,000 जमा करना अनिवार्य होता है। अभिभावक इस राशि को अपनी सुविधानुसार एकमुश्त अथवा वर्षभर किश्तों में जमा कर सकते हैं।

योजना की कार्यप्रणाली को स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा कि बैंक रिकॉर्ड में दर्ज बच्चे की प्रत्येक जन्मतिथि पर खाते में मौजूद पूरी जमा राशि की स्वतः एफडी (सावधि जमा) बना दी जाती है। उस एफडी पर बैंक द्वारा लागू तत्कालीन ब्याज दर प्रदान की जाती है। अगले वर्ष फिर से न्यूनतम ₹5,000 जमा होने पर अगली जन्मतिथि पर पुनः उपलब्ध राशि की नई एफडी बन जाती है और यह चक्र बच्चे के 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने तक लगातार चलता रहता है।
इस योजना की सबसे प्रमुख विशेषता 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद मिलने वाली वित्तीय मदद है। परिपक्वता अवधि पूरी होने पर लाभार्थी बच्चा जमा हुई कुल राशि के 5 गुना तक एजुकेशन लोन (उच्च शिक्षा हेतु) या बिजनेस लोन (स्वरोजगार/स्टार्टअप हेतु) लेने का पात्र हो जाता है। इसके साथ ही, इस योजना के अंतर्गत ऋण लेने पर लाभार्थियों को सामान्य दरों से 1 प्रतिशत कम (सस्ती) ब्याज दर का विशेष लाभ दिया जाएगा। यदि कोई बच्चा ऋण नहीं लेना चाहता, तो 18 वर्ष की आयु के बाद जमा राशि ब्याज सहित निकालने का विकल्प भी उपलब्ध रहता है।
कार्यक्रम के अंत में बैंक अधिकारियों ने शिक्षकों से विद्यार्थियों एवं अभिभावकों को इस योजना से जोड़ने का आह्वान किया। साथ ही विद्यालय के प्राचार्य गंगवीर सिंह से अनुरोध किया गया कि वे आगामी PTM (अभिभावक-शिक्षक बैठक) में भी अभिभावकों को इस योजना की जानकारी दें ताकि अधिक से अधिक बच्चे इसका लाभ उठा सकें। कार्यक्रम में बैंक की ओर से विशाल तोमर व नरेश कुमार तथा विद्यालय की ओर से प्राचार्य गंगवीर सिंह, शिक्षक परवीन, नेहा, ऋतु, रेखा और सिमरन उपस्थित रहे। विद्यालय प्रबंधन ने बैंक की इस पहल की सराहना करते हुए इसे बच्चों के सुनहरे भविष्य के लिए एक आर्थिक रूप से सुदृढ़ कदम करार दिया।