राजगढ़-नौहराधार के दो युवक मुख्य सरगना के साथ अंबाला में धरे, KYC के नाम पर 7 लाख की ठगी

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By पंकज जयसवाल

नाहन : अंबाला साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ई-वॉलेट और डिजिटल बैंकिंग सुरक्षा के नाम पर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस की विशेष टीम ने केवाईसी (KYC) अपडेट कराने और बैंक खाता सीज होने का फर्जी खौफ दिखाकर 7 लाख 10 हजार रुपये ऐंठने के मामले में तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में हिमाचल प्रदेश के जिला सिरमौर से दो युवक शामिल हैं, जबकि गिरोह का मुख्य सरगना हरियाणा के पंचकूला क्षेत्र का निवासी है।

मामले का खुलासा करते हुए थाना प्रभारी उप निरीक्षक संदीप कुमार ने बताया कि अंबाला के रंजीत नगर निवासी चंद्रिका प्रसाद ने 19 सितंबर को साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, 25 अगस्त से 16 सितंबर के बीच अज्ञात नंबरों से उनके पास लगातार फोन आए। फोन करने वालों ने खुद को पेटीएम प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि उनका केवाईसी अधूरा है और समय रहते अपडेट न कराने पर उनका बैंक खाता हमेशा के लिए ब्लॉक कर दिया जाएगा।

घबराहट में आकर पीड़ित उनके बिछाए जाल में फंस गया। साइबर ठगों ने झांसे में लेकर पीड़ित को अलग-अलग समय पर फर्जी क्यूआर (QR) कोड भेजे और विभिन्न डिजिटल माध्यमों से कुल 7,10,000 रुपये अपने खातों में ट्रांसफर करवा लिए। जब पीड़ित को धोखाधड़ी का अहसास हुआ, तो उन्होंने तुरंत पुलिस में मामला दर्ज कराया।

शिकायत मिलते ही साइबर सेल ने कॉल डिटेल, आईपी एड्रेस और बैंक ट्रांजैक्शन की गहन पड़ताल शुरू की। तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस टीम ने लोकेशन ट्रैक कर तीनों आरोपियों को धर दबोचा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बलबीर सिंह निवासी करनपुर (पिंजौर, पंचकूला), राजेश निवासी नौहराधार (सिरमौर, हिमाचल प्रदेश) और प्रदीप निवासी राजगढ़ (सिरमौर, हिमाचल प्रदेश) के रूप में हुई है।

पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि बलबीर सिंह इस गिरोह का मुख्य मास्टरमाइंड है। उसका पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है और उस पर पंचकूला में धोखाधड़ी व साइबर क्राइम के चार मामले पहले से पंजीकृत हैं। अदालत से रिमांड मिलने के बाद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल की जाने वाली बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड, चेक बुक और 20 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को अदालत में प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह में कौन-कौन से अन्य सदस्य शामिल हैं और उन्होंने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है। इसके साथ ही फर्जी बैंक खातों (म्यूल अकाउंट्स) के नेटवर्क की भी बारीकी से पड़ताल की जा रही है।

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पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।