सिरमौर में खुला शांति का नया द्वार: 12 साल बाद साकार हुआ शास्त्री जी का योग आश्रम सपना!

नाहन : अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर जहाँ पूरी दुनिया योग के रंग में रंगी थी, वहीं जिला सिरमौर की तहसील संगड़ाह के सुरम्य गाँव मण्डवाच-गाताधार में सेवा और अध्यात्म का एक नया स्वर्णिम अध्याय शुरू हुआ। यहाँ ‘हिमाचल योग सभा’ (पंजीकृत 1983) द्वारा नवनिर्मित स्थायी ‘योग अभ्यास आश्रम’ का भव्य लोकार्पण किया गया। यह आश्रम आने वाले समय में तनाव से जूझ रही नई पीढ़ी के लिए एक जीवनदायिनी दवा और मानसिक शांति का केंद्र साबित होगा।

88 पार भी थमा नहीं सेवा का जज्बा: पं. देवी सहाय शास्त्री की अद्भुत कहानी
इस पूरे प्रकल्प के पीछे हिमाचल योग सभा के अध्यक्ष पं. देवी सहाय शास्त्री जी की वर्षों की अनथक साधना और अटूट समर्पण है। वर्ष 1992 में राजकीय सेवा से सेवानिवृत्त होने के बाद, जहाँ लोग आराम की जिंदगी चुनते हैं, वहीं शास्त्री जी ने दिन-रात निस्स्वार्थ भाव से समाज सेवा का रास्ता चुना।

स्थानीय दानदाता रेनो देवी और उनके पुत्रों द्वारा दान में दी गई भूमि पर शास्त्री जी ने पिछले 12-13 वर्षों की हाड़-तोड़ मेहनत से इस विशाल योग आश्रम का निर्माण सुनिश्चित किया। इस भागीरथी प्रयास के लिए स्थानीय ग्रामीणों और समाजसेवियों ने शास्त्री जी के प्रति गहरा आभार और उच्च सम्मान व्यक्त किया है।

तनावमुक्त जीवन की दवा बनेगा आश्रम, आत्मनिर्भरता की अनूठी पहल
लोकार्पण समारोह में पहुँचे प्रबुद्ध नागरिकों और समाजसेवियों ने इस प्रयास को अत्यंत सराहनीय और जनहितकारी बताया। डॉ. सुरेश सबलोक और अन्य गणमान्य जनों ने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि:

“आज की युवा पीढ़ी जो मानसिक तनाव से पीड़ित है, उसके लिए यह आवासीय आश्रम संजीवनी की तरह काम करेगा। इसके साथ ही, आश्रम को पूरी तरह आत्मनिर्भर बनाने के लिए भविष्य में यहाँ सामाजिक बैठकें, धार्मिक आयोजन, सभाएं और विवाह कार्यक्रम भी आयोजित किए जा सकेंगे।”

चार पंचायतों का उमड़ा सैलाब, बच्चों ने दिखाए योग के जौहर
इस पावन अवसर पर गाताधार, सतराहन, सांगना, और मण्डवाच आदि ग्राम पंचायतों से आए सैकड़ों ग्रामीणों, महिलाओं और बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। समारोह के दौरान योगाचार्य श्री कीर्ति प्रसाद ने छोटे-छोटे बच्चों और ग्रामीणों को योग आसन व प्राणायाम की साधना का गहन अभ्यास कराया। इतनी बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति यह साफ बयां करती है कि क्षेत्र में योग के प्रति श्रद्धा और जागरूकता कितनी गहरी हो चुकी है।

1983 से निरंतर मुफ़्त सेवा, नाहन के लिए भी उठी माँग
संस्था के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए शास्त्री जी ने बताया कि हिमाचल योग सभा वर्ष 1983 से निरंतर जनहित में निःशुल्क योग प्रशिक्षण और प्राकृतिक तरीकों से रोगों के उपचार में जुटी हुई है। इसी के साथ, संस्था ने प्रदेश सरकार से अपील की है कि नाहन में भी योग द्वारा चिकित्सा और कल्याण हेतु ऐसे ही एक योग आश्रम के निर्माण के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध करवाई जाए।

ये प्रबुद्ध जन रहे उपस्थित
इस गरिमामयी समारोह में डॉ. सुरेश सबलोक, निर्मल सबलोक, उप प्रधान देवराज शर्मा, निवर्तमान प्रधान सुखराम, स्थानीय समाजसेवी डॉ. बलबीर, राजेश सैनी (अक्षरधाम शिक्षण केंद्र), बाबूराम, योगाचार्य कीर्ति, तोताराम, हरीश वसिष्ठ, रुपिंदर ठाकुर, अंकित छेत्री तथा वार्ड मेंबर वेद व दाताराम सहित भारी संख्या में इलाका निवासी मौजूद रहे।

आप भी जुड़ सकते हैं इस मुहिम से (संपर्क सूत्र)
हिमाचल योग सभा की इस अनूठी और निस्स्वार्थ मुहिम का हिस्सा बनने, यहाँ योग साधना का अभ्यास करने या प्राकृतिक पद्धतियों द्वारा निःशुल्क उपचार का लाभ उठाने के लिए संस्थान ने आम जनता के लिए द्वार खोल दिए हैं। इस पुनीत कार्य से जुड़ने या आश्रम से संबंधित किसी भी प्रकार की जानकारी प्राप्त करने के लिए इच्छुक व्यक्ति संस्थान के मुख्य मोबाइल नंबर 941845-2836 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, व्यापक सुविधा के लिए संस्थान द्वारा कुछ अन्य वैकल्पिक संपर्क नंबर जैसे 97366-22966, 87450-00108, 98164-14096 और 70180-99101 भी जारी किए गए हैं, जिन पर बात करके आश्रम की गतिविधियों व निःशुल्क चिकित्सा शिविरों की पूरी जानकारी ली जा सकती है।

Photo of author

पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।