शिमला: सरकारी दफ्तरों को साफ-सुथरा रखने और पेंडिंग काम निपटाने के लिए चलाए जा रहे ‘विशेष अभियान 6.0’ में एसजेवीएन (SJVN) ने बेहतरीन मिसाल पेश की है। विद्युत मंत्रालय और प्रशासनिक सुधार विभाग के दिशा-निर्देशों पर चलते हुए कंपनी ने अपने तमाम प्रोजेक्ट्स और कार्यालयों में सफाई के साथ-साथ कबाड़ हटाने की बड़ी मुहिम चलाई, जिसका असर अब साफ दिखने लगा है।

इस अभियान के तहत एसजेवीएन ने कुल 13.32 टन पुरानी और बेकार हो चुकी बैटरियों का सुरक्षित तरीके से निपटारा किया, जिससे कंपनी को 16 लाख 11 हजार रुपये से ज्यादा की आमदनी हुई। इसमें 7,500 किलोग्राम बैटरियां शिमला स्थित कॉरपोरेट मुख्यालय से और 5,820 किलोग्राम नाथपा झाकड़ी हाइड्रो पावर स्टेशन (एनजेएचपीएस) से निकाली गईं। इसके अलावा दफ्तरों में जगह खाली करने और पर्यावरण को बचाने के मकसद से करीब 25 टन ई-कचरा और बेकार सामान भी बाहर निकाला गया है, जिसमें 800 किलो पुराने टायर भी शामिल हैं।
कबाड़ हटाने के साथ-साथ बरसों से अटके कागजी कामकाज को भी दुरुस्त किया गया है। कंपनी ने अपनी अलग-अलग परियोजनाओं में धूल फांक रही करीब 322 पुरानी फाइलों और दस्तावेजों का निपटारा किया, जिनका वजन ही करीब 585 किलो था। इसके अलावा सरकारी नियमों को आसान बनाने और लोगों की लंबित शिकायतों को तय समय के भीतर सुलझाने पर भी खास जोर दिया गया। कंपनी के 14 अलग-अलग ठिकानों पर चलाए गए इस खास सफाई अभियान से न सिर्फ दफ्तरों का माहौल बेहतर हुआ है, बल्कि कामकाज में पारदर्शिता और तेजी भी आई है। पर्यावरण को सुरक्षित रखने और संसाधनों के सही इस्तेमाल की दिशा में एसजेवीएन की यह पहल एक बड़ा कदम मानी जा रही है।