शिमला: ऐतिहासिक एवं व्यापारिक महत्व के प्रतीक अंतरराष्ट्रीय लवी मेला-2026 का आयोजन इस वर्ष 11 से 14 नवंबर तक रामपुर में किया जाएगा। मेले के सफल आयोजन को लेकर उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में मेला आयोजन समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हुई, जिसमें मेले की रूपरेखा और विभिन्न गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि यह मेला हमारी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है और इसके माध्यम से सदियों पुरानी व्यापारिक परंपराओं तथा विलुप्त हो रही कलाओं को संरक्षित करने के विशेष प्रयास किए जाएंगे। मेले में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक प्रत्येक वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी।

मेले के दौरान दर्शकों के मनोरंजन और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के लिए चार सांस्कृतिक संध्याओं का आयोजन किया जाएगा। इनमें दो संध्याएं पहाड़ी संस्कृति को समर्पित होंगी, जबकि एक बॉलीवुड और एक पंजाबी संगीत पर आधारित होगी। इसके अतिरिक्त खेलकूद प्रतियोगिताएं, लेजर शो, पारंपरिक वाद्य यंत्र प्रतियोगिता, कवि सम्मेलन, पारंपरिक स्वाद महोत्सव, वॉल आर्ट और मिस्टर एवं मिस बुशहर प्रतियोगिता भी मेले के प्रमुख आकर्षण रहेंगे। शहर में विशेष लाइटिंग, सजावट, सेल्फी प्वाइंट, पर्याप्त पेयजल व्यवस्था और यातायात व पार्किंग के सुदृढ़ प्रबंध सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
बुशहर रियासत की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत को प्रदर्शित करने के लिए मेले में विशेष गतिविधियां आयोजित होंगी। ऐतिहासिक छायाचित्रों, दस्तावेजों, पारंपरिक हस्तशिल्प, हथकरघा, ऊनी उत्पादों और स्थानीय कृषि व बागवानी उत्पादों की भव्य प्रदर्शनी लगाई जाएगी। रामपुर हेरिटेज वॉक, पारंपरिक शिल्प का सजीव प्रदर्शन और बुशहर-तिब्बत के ऐतिहासिक व्यापारिक संबंधों की झलक भी देखने को मिलेगी। किन्नौरी मार्केट में एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए आयोजन समिति द्वारा एक ही शैली की कैनोपी उपलब्ध करवाई जाएगी, जिससे पारंपरिक मेवे, दालें और अन्य स्थानीय वस्तुओं के बाजार को एक व्यवस्थित स्वरूप मिलेगा। साथ ही विभिन्न सरकारी विभागों द्वारा पिछले तीन वर्षों की नई उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाली प्रदर्शनियां भी स्थापित की जाएंगी।
मेले के मैदान में आयोजित होने वाली विशेष अश्व प्रदर्शनी में हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध चामुर्थी (स्पीति) नस्ल के घोड़े मुख्य आकर्षण का केंद्र रहेंगे। कठिन पहाड़ी रास्तों के लिए मशहूर इन घोड़ों के अलावा इस बार अन्य राज्यों की नस्लों को भी प्रदर्शनी में शामिल करने की योजना है। घोड़ों के लिए 400 व 800 मीटर की दौड़ तथा गुब्बारा फोड़ जैसी रोचक प्रतियोगिताएं करवाई जाएंगी। पशुपालकों को आधुनिक जानकारी देने के लिए किसान गोष्ठी का भी आयोजन होगा, जिसमें पशुओं के स्वास्थ्य, देखरेख और समस्याओं के समाधान पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
स्कूली बच्चों को इस ऐतिहासिक आयोजन से जोड़ने के लिए पहली बार लवी मेले के इतिहास पर निबंध लेखन प्रतियोगिता करवाई जा रही है, जिसके विजेताओं को विशेष रूप से पुरस्कृत किया जाएगा। इसके साथ ही नशामुक्त हिमाचल, सड़क सुरक्षा, प्लास्टिक मुक्त मेला, पर्यावरण संरक्षण और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों पर जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएंगे। मेले में सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह के निर्देशानुसार लगभग 300 पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था का प्रभार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गौरवजीत सिंह संभालेंगे तथा अवैध गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक में एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंद्र नेगी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गौरवजीत सिंह, डीएसपी सिद्धार्थ शर्मा, नगर परिषद अध्यक्ष कर्ण शर्मा, उपाध्यक्ष रोहित नेगी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष लाल चंद शर्मा और कैलाश फेडरेशन के निदेशक त्रिलोक बलूनी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी विभागों को मेले को सुरक्षित, स्वच्छ और सफल बनाने के लिए आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।