सोलन: फर्स्ट एचपी (ब्वॉयज) बटालियन, NCC सोलन द्वारा चितकारा यूनिवर्सिटी परिसर में आयोजित 10 दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के पांचवें दिन कैडेट्स के लिए ज्ञानवर्धक एवं व्यवहारिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए। दिनभर चले विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से कैडेट्स को भारतीय सेना के गौरवशाली इतिहास, अग्नि सुरक्षा और हथियार संचालन की महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।

शैक्षणिक सत्र के दौरान चितकारा यूनिवर्सिटी के डीन एवं भारतीय सेना के सेवानिवृत्त कर्नल रवि कुमार ने कैडेट्स को भारतीय सेना के शौर्य, पराक्रम और बलिदान की प्रेरणादायक गाथाओं से परिचित कराया। उन्होंने स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश की सुरक्षा के लिए लड़े गए प्रमुख युद्धों और सैन्य अभियानों का विस्तार से उल्लेख करते हुए वर्ष 1962, 1965 और 1971 के युद्धों से लेकर हाल के ऑपरेशन सिंदूर तक भारतीय सेना की वीरता, रणनीति और अदम्य साहस के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि भारतीय सेना ने हर चुनौतीपूर्ण परिस्थिति में राष्ट्र की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करते हुए अद्वितीय साहस का परिचय दिया है। ऐसे इतिहास से प्रेरणा लेकर एनसीसी कैडेट्स को भी अनुशासन, देशभक्ति और सेवा की भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। उनके व्याख्यान को कैडेट्स ने पूरे उत्साह और रुचि के साथ सुना तथा विभिन्न विषयों पर प्रश्न पूछकर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।
इसके उपरांत नालागढ़ अग्निशमन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने कैडेट्स को अग्नि सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। उन्होंने आग लगने के सामान्य कारणों, उससे बचाव के उपायों तथा आपातकालीन स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से बताया। अधिकारियों ने कहा कि समय रहते सही निर्णय और उचित प्रशिक्षण के माध्यम से किसी भी दुर्घटना में जान-माल के नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है। उन्होंने कैडेट्स को प्राथमिक अग्निशमन उपकरणों के सुरक्षित एवं प्रभावी उपयोग का भी प्रदर्शन करके दिखाया।
शिविर के दौरान कैडेट्स को फायरिंग का व्यवहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रशिक्षकों की निगरानी में कैडेट्स ने राइफलों से लक्ष्य पर निशाना साधने का अभ्यास किया। बड़ी संख्या में ऐसे कैडेट्स भी शामिल थे जिन्होंने पहली बार राइफल से फायरिंग की। उनके लिए यह अनुभव रोमांचक होने के साथ-साथ आत्मविश्वास बढ़ाने वाला भी साबित हुआ। प्रशिक्षकों ने उन्हें हथियारों के सुरक्षित संचालन, फायरिंग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों तथा निशानेबाजी की मूल तकनीकों की भी जानकारी दी।
शिविर में सूबेदार मेजर सुनील राणा, एएनओ अंजना ठाकुर, एएनओ नीरज राठौर, जेसीओ अतीक रहमान सहित एनसीसी का पीआई स्टाफ एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि वार्षिक प्रशिक्षण शिविर के माध्यम से कैडेट्स के व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, टीम भावना और राष्ट्रसेवा की भावना को मजबूत बनाने के उद्देश्य से प्रतिदिन विभिन्न शैक्षणिक, सैन्य एवं व्यवहारिक गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है।