नाहन : जिला मुख्यालय नाहन में नगर परिषद के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद को लेकर लंबे समय से चला आ रहा सस्पेंस आखिरकार बेहद नाटकीय और दिलचस्प मोड़ पर समाप्त हो गया। शहर की इस छोटी सरकार की कमान अब नए चेहरों के हाथ में आ गई है। वार्ड नंबर-3 की पार्षद उपमा धीमान को नगर परिषद नाहन की नवनियुक्त अध्यक्ष चुन लिया गया है, जबकि वार्ड नंबर-13 के पार्षद प्रदीप सहोत्रा ने उपाध्यक्ष पद पर बाजी मारी है। इस पूरे फैसले की सबसे खास बात यह रही कि दोनों शीर्ष पदों का अंतिम निर्णय दो छोटे बच्चों द्वारा निकाली गई पर्चियों से हुआ।
पहले बैलेट पेपर से हुआ मुकाबला, दोनों पक्षों में फंसे बराबर वोट
इससे पहले, अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पदों के लिए पार्षदों के बीच बकायदा लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत बैलेट पेपर से मतदान करवाया गया। अध्यक्ष पद के लिए मैदान में वार्ड नंबर-3 की पार्षद उपमा धीमान और वार्ड नंबर-5 की पार्षद सीमा अत्री आमने-सामने थीं। दोनों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला और जब वोटों की गिनती हुई, तो दोनों ही प्रत्याशियों को बिल्कुल बराबर मत मिले। मुकाबला टाई होने की वजह से मौके पर मौजूद हर कोई हैरान रह गया कि अब फैसला कैसे होगा।

उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भी देखने को मिला वही रोमांच
कमोबेश यही स्थिति उपाध्यक्ष पद के चुनाव में भी देखने को मिली। उपाध्यक्ष की कुर्सी के लिए वार्ड नंबर-13 के पार्षद प्रदीप सहोत्रा और वार्ड नंबर-6 के पार्षद योगेश गुप्ता के बीच सीधी टक्कर थी। इस सीट के लिए भी जब बैलेट पेपर से वोट डाले गए और गिनती हुई, तो यहां भी मामला पूरी तरह अटक गया। दोनों ही उम्मीदवारों के पक्ष में बराबर-बराबर वोट पड़े। दोनों मुख्य पदों पर मुकाबला एक साथ टाई हो जाने के बाद चुनावी हॉल में सरगर्मियां और सस्पेंस चरम पर पहुंच गया।
लॉटरी सिस्टम का सहारा: दो बच्चों ने चुनीं नाहन की सरकार
दोनों ही सीटों पर मतों का आंकड़ा बराबर रहने के बाद नियमानुसार स्थिति को सुलझाने के लिए लॉटरी (पर्ची सिस्टम) का सहारा लेने का निर्णय लिया गया। इसके लिए दो छोटी और मासूम बच्चों को बुलाया गया। पूरी पारदर्शिता के साथ उम्मीदवारों के नामों की पर्चियां बनाकर रखी गईं और इन बच्चों से पर्ची उठाने को कहा गया। जब अध्यक्ष पद के लिए पर्ची उठाई गई, तो उसमें उपमा धीमान का नाम निकला। वहीं, जब दूसरी बच्चे ने उपाध्यक्ष पद के लिए पर्ची खींची, तो उसमें प्रदीप सहोत्रा का नाम सामने आया। पर्ची निकलते ही दोनों के पक्ष में आधिकारिक फैसला हो गया और नाहन नगर परिषद को अपनी नई टीम मिल गई।