नाहन : हिमाचल प्रदेश की राजनीति में एक नया सियासी मोड़ देखने को मिल रहा है। लोक जनशक्ति पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने जिला सिरमौर के नितिन चौहान को पार्टी का हिमाचल प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। बीते दिन नई दिल्ली में आयोजित एक बैठक के दौरान चिराग पासवान ने स्वयं नितिन चौहान को नियुक्ति पत्र सौंपा।
नितिन चौहान नाहन विधानसभा क्षेत्र से पूर्व विधायक एवं दिवंगत नेता स्व. सदानंद चौहान के सुपुत्र हैं। जिले के जाने-माने व्यवसायी और समाजसेवी के रूप में पहचान रखने वाले नितिन चौहान की इस नई भूमिका के बाद प्रदेश और विशेषकर सिरमौर की राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

नितिन चौहान की इस नई जिम्मेदारी के पीछे एक बेहद मजबूत राजनीतिक और पारिवारिक पृष्ठभूमि भी है। जगजाहिर है कि लोजपा के संस्थापक स्व. रामविलास पासवान और नाहन के पूर्व विधायक स्व. सदानंद चौहान के बीच बेहद घनिष्ठ और गहरे संबंध रहे हैं। दोनों परिवारों का यह आपसी भरोसा किसी से छिपा नहीं है।
प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी मिलने के बाद नितिन चौहान ने लोजपा अध्यक्ष चिराग पासवान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल की जनता अब पारंपरिक तौर पर भाजपा और कांग्रेस के बीच झूलती राजनीति से हटकर एक मजबूत तीसरे विकल्प की तलाश में है। लोजपा आगामी विधानसभा चुनावों में प्रदेश की सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की योजना बना रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जल्द ही राज्य कार्यकारिणी का गठन किया जाएगा और सभी जिलों में निष्ठावान पदाधिकारियों की नियुक्तियां की जाएंगी।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नितिन चौहान नाहन सीट से चुनावी मैदान में उतरते हैं, तो यह मुकाबला महज पारंपरिक दो दलों के बीच सीमित नहीं रहेगा। वर्ष 2003 के विधानसभा चुनावों में उनके पिता स्व. सदानंद चौहान ने लोजपा की टिकट पर ही नाहन से ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। जनता के बीच उनकी गहरी पकड़ और सफल कारोबारी छवि का लाभ नितिन चौहान को मिल सकता है।
नितिन चौहान की एंट्री से नाहन विधानसभा सीट पर मुकाबला पूरी तरह से त्रिकोणीय होने के आसार बन सकते हैं, जिससे भाजपा और कांग्रेस दोनों ही प्रमुख दलों के समीकरण गड़बड़ा सकते हैं।
अब देखना यह दिलचस्प होगा कि नितिन चौहान अपने पिता की राजनीतिक विरासत और अपनी सामाजिक पहचान के बल पर नाहन और पूरे प्रदेश की राजनीति पर अपनी कितनी गहरी छाप छोड़ पाते हैं।