नाहन : पीएम श्री डॉ. वाई.एस. परमार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ददाहू (श्री रेणुकाजी), ‘CBSE School of Excellence’ के लिए यह अत्यंत गौरव और हर्ष का क्षण है। विद्यालय की पूर्व मेधावी छात्रा करिश्मा कुमारी ने राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपनी सफलता का परचम लहराया है। करिश्मा कुमारी, जो कि ददाहू स्कूल के एसएमसी अध्यक्ष जगपाल कंवल की पुत्री हैं, का चयन शिक्षा मंत्रालय और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी ‘नेशनल स्कॉलरशिप फॉर पोस्ट ग्रेजुएट स्टडीज’ की प्रतिष्ठित अखिल भारतीय मेरिट सूची में हुआ है।
करिश्मा ने पूरे देश के कला वर्ग के शीर्ष 5,000 मेधावी छात्रों की बेहद कठिन प्रतियोगिता में अपना स्थान बनाकर न केवल अपने माता-पिता और परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि अपने विद्यालय और पूरे क्षेत्र का नाम भी राष्ट्रीय पटल पर अंकित किया है। सीमित संसाधनों और ग्रामीण पृष्ठभूमि से निकलकर इस मुकाम तक पहुंचना उनकी कड़ी मेहनत, निरंतर लगन और उत्कृष्ट प्रतिभा को दर्शाता है।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस अखिल भारतीय सूची में हिमाचल प्रदेश के कोटे से विभिन्न विषयों में कुल 28 छात्र-छात्राओं का चयन हुआ है। इनमें अंग्रेजी के 6, हिंदी के 6, इतिहास के 5, अर्थशास्त्र के 4 और संस्कृत विषय के छात्र शामिल हैं। सबसे महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक उपलब्धि यह रही कि राजनीति विज्ञान विषय में पूरे हिमाचल प्रदेश के कोटे की इकलौती सीट पर करिश्मा ने कब्ज़ा जमाया है और वह राज्य से इस विषय में चुनी जाने वाली एकमात्र छात्रा हैं।
इस चयन के तहत करिश्मा को ₹15,000 प्रति माह की दर से कुल ₹3,000,000 (3 लाख रुपये) की वित्तीय सहायता प्राप्त हुई, जिसने उनकी आगे की उच्च शिक्षा और शोध (Research) की राह को मजबूत बनाया। ददाहू विद्यालय की इस होनहार पूर्व छात्रा का सफर अब उच्च अनुसंधान तक पहुँच चुका है। वर्तमान में वह हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के श्रीनगर कैंपस से प्रतिष्ठित ‘नेशनल फेलोशिप’ के साथ पीएच.डी. कर रही हैं।
ग्रामीण व सीमित संसाधनों वाले क्षेत्र से निकलकर एक प्रतिष्ठित केंद्रीय विश्वविद्यालय में नेशनल फेलोशिप के साथ पीएच.डी. करने तक का करिश्मा का यह सफर क्षेत्र की अन्य छात्राओं और युवाओं के लिए प्रेरणा का एक महान स्तंभ साबित हो रहा है। उनकी यह उपलब्धि यह सिद्ध करती है कि दृढ़ संकल्प और मेहनत के बल पर ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभागी भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं में शीर्ष स्थान हासिल कर सकते हैं।
विद्यालय प्रशासन, प्रधानाचार्य तथा समस्त शिक्षक वर्ग ने अपनी पूर्व मेधावी छात्रा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गहरा संतोष और हर्ष व्यक्त किया है। विद्यालय परिवार ने करिश्मा कुमारी और उनके परिवार को बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है तथा उम्मीद जताई है कि वह अनुसंधान और शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित कर क्षेत्र का नाम और अधिक रोशन करेंगी।