नाहन : भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने नाहन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में जनसुविधाओं की लगातार हो रही उपेक्षा को लेकर प्रदेश की कांग्रेस सरकार पर कड़ा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि नाहन का अस्पताल सिरमौर जिला का सबसे बड़ा स्वास्थ्य संस्थान है, लेकिन कांग्रेस सरकार, मुख्यमंत्री और स्थानीय विधायक की कथित उपेक्षा के कारण अस्पताल की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर पिछले दो वर्षों से बंद पड़े हैं। उन्होंने कहा कि जिस अस्पताल में मरीजों को गंभीर और आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मिलनी चाहिए थीं, वहां महत्वपूर्ण सेवाएं लंबे समय से ठप पड़ी हैं। इससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें अन्य अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि अब स्थिति यहां तक पहुंच गई है कि अस्पताल में सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड जैसी महत्वपूर्ण जांच सुविधाएं भी बंद पड़ी हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल के बाहर अल्ट्रासाउंड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है और अस्पताल से मरीजों को वहां भेजा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पताल में उपलब्ध होने वाली जांच सुविधा के लिए मरीजों को बाहर जाना पड़े, इससे बड़ी विडंबना और क्या हो सकती है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि अस्पताल में एक्स-रे करवाने के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है और कई बार रिपोर्ट उपलब्ध करवाने के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। आपातकालीन परिस्थितियों में ऐसी स्थिति मरीजों के लिए गंभीर परेशानी पैदा कर सकती है।
उन्होंने कहा कि अस्पताल में आपातकालीन परिस्थितियों में भी आवश्यक सेवाएं सुचारू रूप से उपलब्ध नहीं हैं। गंभीर मरीजों को लगातार दूसरे अस्पतालों के लिए रेफर किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि जिला के सबसे बड़े अस्पताल में ही गंभीर मरीजों को आवश्यक उपचार नहीं मिलेगा तो आम जनता आखिर कहां जाएगी?
डॉ. बिंदल ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने अस्पताल में पर्ची शुल्क लगा दिया है। मरीजों को अनेक टेस्ट बाहर से करवाने पड़ रहे हैं और दवाइयां भी बाहर से खरीदनी पड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों के लिए यह अतिरिक्त आर्थिक बोझ है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने अस्पताल में बिस्तरों की कमी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि स्थिति इतनी खराब है कि एक-एक बिस्तर पर दो-दो और तीन-तीन मरीजों को रखने की स्थिति पैदा हो रही है। यह न केवल मरीजों की परेशानी बढ़ा रहा है, बल्कि अस्पताल की व्यवस्थाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।
डॉ. बिंदल ने कहा कि नाहन अस्पताल के निर्माण का काम पिछले करीब चार वर्षों से बंद पड़ा है। उन्होंने कहा कि अस्पताल निर्माणाधीन था, लेकिन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में निर्माण कार्य को आगे बढ़ाने के बजाय स्थिति और खराब होती जा रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने भवन को उधेड़कर उस पर केवल दिखावटी काम किया जा रहा है, जबकि अस्पताल की मूलभूत समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि अस्पताल के अंदर जगह-जगह पानी का रिसाव हो रहा है और गंदगी फैली हुई है। मरीजों और उनके तीमारदारों को असुविधाजनक वातावरण में रहना पड़ रहा है। उन्होंने चिंता जताई कि भवन की स्थिति ऐसी है कि मरीजों और उनके साथ आए लोगों को हर समय यह डर बना रहता है कि कहीं छत का कोई हिस्सा या सीलिंग का टुकड़ा न गिर जाए।
डॉ. बिंदल ने कहा कि नाहन मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की स्थिति ऐसी बना दी गई है कि यह मरीजों को उपचार देने के बजाय रेफरल अस्पताल की तरह काम कर रहा है। गंभीर मरीजों को लगातार यहां से दूसरे अस्पतालों के लिए रेफर किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि जनता ने सरकार से बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की उम्मीद की थी, लेकिन वर्तमान व्यवस्था में मरीजों को अस्पताल आने के बाद भी जांच, दवा और उपचार के लिए बाहर भटकना पड़ रहा है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाएं किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होती हैं। नाहन जैसे जिला मुख्यालय के सबसे बड़े अस्पताल में यदि आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी तो इसका सीधा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ेगा।
डॉ. बिंदल ने कहा कि सरकार को जनता की जिंदगी और स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने के बजाय नाहन अस्पताल की व्यवस्थाओं को तत्काल सुधारना चाहिए।