सोलन: नशा मुक्त भारत अभियान के तहत मादक द्रव्यों के दुरुपयोग एवं अवैध तस्करी के विरुद्ध आज यहां सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा राज्य स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिमाचल प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विकास निगम के प्रबंध निदेशक अजय यादव ने की।

अजय यादव ने कहा कि नशा आज समाज के लिए एक चुनौती बना हुआ है। युवाओं को नशे से दूर रखने और उनके भविष्य को अंधकार में जाने से रोकने के लिए समाज का एकजुट होकर कार्य करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार और नागरिकों के समन्वय से ही नशा की बढ़ती प्रवृत्ति को रोका जा सकता है।
प्रबंध निदेशक ने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग द्वारा 17 जून से 26 जून, 2026 तक आयोजित किए जा रहे नशा मुक्त भारत अभियान को सफल बनाने के लिए सभी का सहयोग अपेक्षित है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष नशा मुक्त भारत अभियान का विषय ‘नशा मुक्त भारत अभियान: विकसित भारत की पहचान’ रखा गया है। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत धरातल तक पहुंचने के लिए अलग-अलग कार्यक्रम और गतिविधियों के माध्यम से युवाओं को नशे के विरुद्ध जागरूक किया जाएगा। उन्होंने आमजन से इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने और जागरूक करने में सहयोग करने की अपील की है।
अजय यादव ने इस अवसर पर सभी उपस्थित छात्रों व अन्यों को नशा मुक्त भारत विषय पर शपथ भी दिलाई। उन्होंने इस अवसर पर विभिन्न प्रतियोगितायों के विजेताओं को पुरस्कार भी वितरित किए। अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं विशेष रुप से सक्षम का सशक्तिकरण (ईसोमसा) के संयुक्त निदेशक सुरेश शर्मा ने कहा कि नशे के विरुद्ध कार्यान्वित किए जा रहे इस अभियान को सफल बनाने के लिए लोगों को अधिक से अधिक जागरूक करना आवश्यक है।
ज़िला कल्याण अधिकारी सोलन विवेक अरोड़ा ने इससे पूर्व सभी का स्वागत किया और कार्यक्रम की जानकारी दी। इस अवसर पर विषय से सम्बन्धित प्रश्नोत्तरी, नशे पर कविता पाठ, भाषण एंव नुक्कड नाटक व विभिन्न प्रतियोगितायों का आयोजन भी किया गया।
कार्यक्रम में ज़िला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सोलन की प्राधानाचार्य गीतांजली कश्यप, वरिष्ठ नागरिक कल्याण संघ सायरी के प्रधान जगदीश भारद्वाज, सीनियर सिटीज़न फारूम से प्रो. आर.के. पठानिया, ज्ञान विज्ञान समिति से डा. बी.एस. पंवार, छात्र सहित लगभग 130 लोगों ने भाग लिया।