सोलन: राजकीय महाविद्यालय सोलन की रोवर-रेंजर इकाई ने भारत स्काउट एवं गाइड के डायमंड जुबली समारोह के उपलक्ष्य में परिसर में अत्यंत उत्साहपूर्ण और गौरवमयी वातावरण में आदिवासी गौरव अभियान का आयोजन किया। इस विशेष कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरणीय जागरूकता का एक सुंदर और प्रेरणादायक संगम देखने को मिला।

समारोह में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. शिवानी शर्मा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया। मुख्य अतिथि डॉ. शिवानी शर्मा ने रोवर-रेंजर इकाई द्वारा आदिवासी समुदाय की समृद्ध विरासत और पारंपरिक स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को सम्मानित करने की इस पहल की सराहना की। विद्यार्थियों के साथ संवाद करते हुए उन्होंने कहा कि आदिवासी समुदायों के पास प्राचीन काल से ही प्रकृति के साथ तालमेल बिठाकर स्वस्थ जीवन शैली जीने का एक समृद्ध ज्ञान रहा है। उनके पारंपरिक स्वास्थ्य विज्ञान को सहेजना, संजोना और संरक्षित करना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।
कार्यक्रम समन्वयक एवं रोवर लीडर डॉ. एन. आर. कश्यप ने जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान के तहत महाविद्यालय परिसर में विभिन्न प्रकार के औषधीय और स्वास्थ्यवर्धक पौधे रोपे गए। इनमें मुख्य रूप से लेमन ग्रास, गिलोय, अश्वगंधा, तुलसी, एलोवेरा, ब्राह्मी, पुनर्नवा और शतावरी जैसे महत्वपूर्ण पौधे शामिल थे।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और स्थानीय समुदाय के बीच औषधीय पौधों के चमत्कारी गुणों व उनके महत्व को बढ़ावा देना था। साथ ही, जनजातीय/आदिवासी समुदायों द्वारा पारंपरिक चिकित्सा और स्वास्थ्य प्रणालियों में दिए गए अतुलनीय योगदान के प्रति आभार प्रकट करना था।
अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभाने के साथ-साथ आदिवासी समाज की स्वस्थ जीवन शैली और पारंपरिक ज्ञान को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।