सोलन: गुरुकुल इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सोलन में हिंदी दिवस एवं हिंदी पखवाड़ा बेहद हर्षोल्लास, उत्साह और रचनात्मक ऊर्जा के साथ मनाया गया। विद्यालय में आयोजित इन विभिन्न शैक्षणिक व सांस्कृतिक गतिविधियों ने छात्र-छात्राओं को हिंदी भाषा के करीब आने, अपनी छिपी हुई प्रतिभा को निखारने और पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करने का एक सुंदर और सुनहरा अवसर प्रदान किया।

पखवाड़े के दौरान आयोजित विभिन्न गतिविधियां
इस पखवाड़े के अंतर्गत विद्यालय में कविता वाचन, भाषण, कहानी वाचन, लघु नाटिका, नुक्कड़ नाटक, नृत्य, मुहावरा वाचन, पहेली प्रतियोगिता, हिंदी प्रश्नोत्तरी, सुलेख, श्रुतलेख, शब्दावली प्रतियोगिता, संवाद लेखन, चित्रकला, रचनात्मक लेखन तथा हिंदी भाषा से जुड़ी अनेक रोचक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन सभी गतिविधियों में विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पूरे उत्साह व आत्मविश्वास के साथ अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया।
बाल वाटिका से लेकर कक्षा दसवीं तक के विद्यार्थियों ने इन कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता दर्ज की। नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी मासूम प्रस्तुतियों, कविता पाठ, पहेलियों और नृत्य के माध्यम से सबका मन मोह लिया, वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ विद्यार्थियों ने भाषण, लघु नाटिकाओं, नुक्कड़ नाटकों और रचनात्मक लेखन के जरिए अपनी बेहद प्रभावशाली अभिव्यक्ति प्रस्तुत की।
हिंदी भाषा का सांस्कृतिक महत्व
हिंदी दिवस के अवसर पर पूरे विद्यालय परिसर का वातावरण हिंदी भाषा के प्रति अगाध प्रेम, सम्मान और गौरव की भावना से ओत-प्रोत नजर आया। विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि भाषा केवल विचारों के आदान-प्रदान का साधारण माध्यम मात्र नहीं है, बल्कि यह हमारी समृद्ध संस्कृति, साहित्य, संस्कारों, परंपराओं और भावनाओं की असली पहचान भी है। हिंदी हमें अपनी जड़ों से मजबूती से जोड़े रखते हुए आत्मविश्वास के साथ अपनी बात दुनिया के सामने रखने की गहरी प्रेरणा देती है।
प्रधानाचार्या के प्रेरक उद्गार
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती सागरिका बख्शी ने विद्यार्थियों को हिंदी के ऐतिहासिक और व्यावहारिक महत्व से अवगत करवाते हुए कहा कि हिंदी हमारी गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत का एक अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को हिंदी भाषा का सदैव सम्मान करने और अपने दैनिक जीवन में इसके अधिकाधिक प्रयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि अपनी मातृभाषा पर गर्व महसूस करना वस्तुतः अपनी पहचान पर गर्व करना है। इसके साथ ही, उन्होंने सभी बच्चों की इस उत्साहपूर्ण सहभागिता की भूरी-भरी प्रशंसा की और उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए ढेरों शुभकामनाएं व बधाइयां दीं।
हिंदी दिवस एवं हिंदी पखवाड़े का यह पूरा आयोजन विद्यार्थियों के लिए केवल एक भाषाई उत्सव ही नहीं, बल्कि अपनी प्रतिभा को पहचानने, आत्मविश्वास को सुदृढ़ करने और अपनी भाषा व संस्कृति से गहराई से जुड़ने का एक बेहद प्रेरणादायक अवसर साबित हुआ।