सिरमौर में 22 जून को राज्यव्यापी हड़ताल में गरजेेंगे सैकड़ों मिड-डे-मील वर्कर

नाहन : हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के आदेशों के बावजूद 12 महीने का वेतन न मिलने से खफा मिड-डे-मील वर्करों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आगामी 22 जून को होने वाली राज्यव्यापी हड़ताल को लेकर सुरला ब्लॉक की एक महत्वपूर्ण बैठक नसीम की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक में निर्णय लिया गया कि जिला सिरमौर से सैकड़ों मिड-डे-मील वर्कर शिमला कूच करेंगे और सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे।

बैठक को संबोधित करते हुए सीटू (CITU) जिला महासचिव आशीष कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार मिड-डे-मील वर्करों का लगातार शोषण कर रही है। उन्होंने कहा कि माननीय हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय ने वर्करों को 10 महीने के बजाय 12 महीने का वेतन देने के स्पष्ट आदेश दिए हैं। इसके बावजूद आज तक इस निर्णय को धरातल पर लागू नहीं किया गया। इसके लिए पूर्व की भाजपा सरकार और वर्तमान की कांग्रेस सरकार दोनों बराबर की जिम्मेदार हैं।

यूनियन के वक्ताओं ने बैठक में अपनी स्थिति पर गहरा रोष जताते हुए कहा कि मिड-डे-मील वर्करों को लंबे समय से समय पर वेतन नहीं मिल पा रहा है। इसके साथ ही वर्तमान में दिया जा रहा मानदेय बेहद कम है, जिससे इस महंगाई के दौर में परिवार का गुजारा करना नामुमकिन हो गया है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि दिन-रात सेवाएं देने के बावजूद उन्हें बुनियादी सामाजिक सुरक्षा के अधिकारों से पूरी तरह वंचित रखा गया है, जो कि उनके अधिकारों का सीधा हनन है।

वर्करों के शोषण को रोकने और उनके अधिकारों को बहाल करने के लिए यूनियन ने सरकार के समक्ष अपनी मुख्य मांगें रखी हैं। सबसे प्रमुख मांग यह है कि माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों का सम्मान करते हुए तुरंत 12 महीने का वेतन जारी किया जाए, क्योंकि वर्तमान में उन्हें केवल 10 महीने का ही भुगतान किया जा रहा है। इसके अलावा वर्करों ने पड़ोसी राज्य हरियाणा की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश में भी मानदेय में सम्मानजनक बढ़ोतरी करने की जोरदार वकालत की है।

यूनियन ने सरकार से यह भी मांग की है कि सभी मिड-डे-मील वर्करों को औपचारिक रूप से ‘श्रमिक’ का दर्जा दिया जाए। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक वर्करों को कानूनन श्रमिक नहीं माना जाता, तब तक उन्हें ईपीएफ (EPF), ईएसआई (ESI) और ग्रेच्युटी जैसी सुविधाएं नहीं मिल सकतीं। इसलिए सरकार को चाहिए कि इन सभी कर्मठ वर्करों को तुरंत श्रम कानूनों के दायरे में लाए, ताकि भविष्य में इन्हें एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन मिल सके।

सुरला ब्लॉक में आयोजित इस बैठक में राज्यव्यापी हड़ताल को शत-प्रतिशत सफल बनाने का सर्वसम्मति से संकल्प लिया गया। बैठक में मिड-डे-मील सुरला ब्लॉक सचिव अमरनाथ, मोती राम सहित रौशनी, तारा, सुरेश, लीला, बबीता, मीरा और बड़ी संख्या में क्षेत्र के मिड-डे-मील वर्कर उपस्थित रहे।

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पंकज जयसवाल

पंकज जयसवाल, हिल्स पोस्ट मीडिया में न्यूज़ रिपोर्टर के तौर पर खबरों को कवर करते हैं। उन्हें पत्रकारिता में करीब 2 वर्षों का अनुभव है। इससे पहले वह समाज सेवी संगठनों से जुड़े रहे हैं और हजारों युवाओं को कंप्यूटर की शिक्षा देने के साथ साथ रोजगार दिलवाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की है।