नाहन : पवित्र तीर्थस्थल श्री रेणुका जी में गुरु पूर्णिमा एवं महर्षि वेदव्यास का जन्मोत्सव अत्यंत श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर हिमाचल प्रदेश सहित पड़ोसी राज्यों हरियाणा, पंजाब और उत्तराखंड से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र रेणुका जी झील में आस्था की डुबकी लगाई और देश व प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। तड़के से ही तीर्थस्थली में दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर प्रसिद्ध निर्वाण आश्रम में विशाल गुरु-शिष्य मिलन समारोह का आयोजन हुआ, जहाँ संगतों ने महंत रेनेंद्र मुनि महाराज का आशीर्वाद प्राप्त कर पारंपरिक मर्यादा का निर्वहन किया। आश्रम में भजन-कीर्तन और गुरु पूजन का दौर दिनभर चलता रहा। इसके अलावा, गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में पिछले पाँच दिनों से चल रहे अखंड रामायण पाठ का भी विधि-विधान और पूर्णाहुति के साथ समापन हुआ। इस अवसर पर आयोजित विशाल भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने अनवरत प्रसाद ग्रहण किया।

आश्रम के प्रवक्ता मोहन चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं, बल्कि गुरु-शिष्य के अटूट संबंध और समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि निर्वाण आश्रम रियासतकालीन दौर से ही इस समृद्ध गुरु-शिष्य परंपरा का निर्वहन करता आ रहा है। एक शतक से भी अधिक समय से धार्मिक पर्यटन और अध्यात्म का प्रमुख केंद्र रहा यह आश्रम अतीत में गुरुकुल संचालन के माध्यम से शिक्षा और संस्कृति के संरक्षण का भी आधार रहा है।