नाहन : कारगिल युद्ध के अमर शहीद सिपाही कुलविंदर सिंह की पुण्यतिथि पर उनके पैतृक गांव डोईयांवाला स्थित स्मृति स्थल पर रविवार सुबह एक भावभीनी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर भूतपूर्व सैनिक संगठन पांवटा साहिब एवं शिलाई क्षेत्र, शहीद के परिवार और भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने एकत्रित होकर देश के इस वीर सपूत को नमन किया। पूरा माहौल “भारत माता की जय” और “शहीद कुलविंदर सिंह अमर रहें” के गगनभेदी नारों से गूंज उठा। सभा की शुरुआत में उपस्थित जनसमूह ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया, राष्ट्रगान गाया और शहीद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धासुमन भेंट किए।
कार्यक्रम के दौरान भूतपूर्व सैनिक संगठन के पदाधिकारी नरेंद्र ठुंडू ने शहीद कुलविंदर सिंह के जीवन और उनकी अदम्य वीरता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कुलविंदर सिंह वर्ष 1990 में भारतीय सेना की 18वीं गढ़वाल राइफल्स में भर्ती हुए थे। वर्ष 1999 में जब देश पर कारगिल संकट आया, तब वे ‘ऑपरेशन विजय’ के तहत अग्रिम मोर्चे पर तैनात थे। 14 जून 1999 को तोलोलिंग की दुर्गम पहाड़ियों में दुश्मन की मौजूदगी की सटीक सूचना मिलने पर उन्होंने अपने साथियों के साथ एक साहसिक जवाबी कार्रवाई शुरू की। इस भीषण मुठभेड़ के दौरान सीने पर कई गोलियां लगने के बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अंतिम सांस तक पाकिस्तानी घुसपैठियों का डटकर मुकाबला करते हुए मातृभूमि की रक्षा में अपना सर्वोच्च बलिदान दे दिया।

इस भावुक कर देने वाले क्षण में शहीद के माता-पिता शकुंतला देवी एवं ज्ञानचंद, धर्मपत्नी मेलो देवी, तथा पुत्र अंकित सिंह और आदित्य सहित पूरा परिवार उपस्थित रहा। भूतपूर्व सैनिक संगठन की ओर से कृतज्ञता और सम्मान के प्रतीक स्वरूप शहीद के परिवार को शॉल भेंट की गई और संगठन ने उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। संगठन के पूर्व अध्यक्ष करनैल सिंह ने वहां मौजूद युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि कारगिल विजय अभियान में सिपाही कुलविंदर सिंह द्वारा दिया गया सर्वोच्च बलिदान राष्ट्र के इतिहास में सदैव स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानते हुए देश सेवा के लिए हमेशा तैयार रहने का आह्वान किया।
श्रद्धांजलि सभा में सामाजिक एकजुटता और सहयोग की एक सराहनीय झलक भी देखने को मिली। इस अवसर पर जिला परिषद सदस्य भगवान दास ने शहीद स्मारक स्थल पर चल रहे विकास कार्यों के तहत बन रहे टिन शेड के लिए ₹5100 की सहयोग राशि प्रदान की। उनके इस योगदान के लिए भूतपूर्व सैनिक संगठन, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और शहीद के परिजनों ने गहरा आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में क्षेत्र के विभिन्न गणमान्य व्यक्तियों, पंचायत प्रतिनिधियों और भूतपूर्व सैनिकों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिन्होंने देश की संप्रभुता के लिए प्राण न्योछावर करने वाले शहीद को अपनी सामूहिक श्रद्धांजलि दी।